पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, अन्य दो को जेल भेजा
इंदौर के एमजी रोड थाना क्षेत्र में शनिवार शाम पुलिस कस्टडी से दो आरोपी चलती शासकीय वैन से कूदकर फरार हो गए। जिला कोर्ट से रिमांड और जेल वारंट मिलने के बाद पुलिस बल उन्हें सेंट्रल जेल इंदौर ले जा रहा था। इसी दौरान पत्थर गोदाम रोड पर राजकुमार ब्रिज के पास दोनों ने वैन का पिछला दरवाजा खोला और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया, लेकिन वे चकमा देकर फरार हो गए। यह घटना शनिवार शाम करीब 7:05 बजे की है। भंवरकुआं थाने में पदस्थ आरक्षक पंकज कुमार पुलिस बल के साथ चार आरोपियों को शासकीय वाहन से सेंट्रल जेल इंदौर ले जा रहे थे। वाहन जैसे ही राजकुमार ब्रिज के पास पहुंचा, पीछे बैठे दो आरोपियों ने चलती वैन का दरवाजा खोला और नीचे कूद गए। धार के रहने वाले फरार आरोपियों की पहचान नरेंद्र मेहता (पिता मांगीलाल), निवासी इमामवाड़े के पास, धार और अबरार खान (पिता बाबू खान), निवासी डायमंड पार्क कॉलोनी, धार के रूप में हुई है। नरेंद्र मेहता हाल ही में सपना-संगीता इलाके में व्यापारी कैलाशचंद गर्ग से 50 हजार रुपए की अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में भी नामजद हुआ था। इस मामले का वीडियो भी प्रसारित हुआ था। घटना के बाद प्रधान आरक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और आरक्षक पंकज कुमार एमजी रोड थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आरक्षक पंकज कुमार की शिकायत पर एमजी रोड पुलिस ने फरार आरोपी नरेंद्र मेहता और अबरार खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जिला कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद सेंट्रल जेल ले जाया जा रहा था। इस दौरान, राजकुमार ब्रिज के पास चलती वैन का दरवाजा खुला और दोनों आरोपी कूद गए। पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और उनकी तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर वे पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। इस मामले में उनके दो साथी गुलाब सिंह और पप्पू को पुलिस ने पकड़ लिया है और उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।

