यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होगी
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' निकालेंगे। यह यात्रा उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक चलेगी। यात्रा की तैयारियों के बीच रविवार को दिग्विजय सिंह उज्जैन के शास्त्री नगर पहुंचे, जहां उन्होंने यात्रा में इस्तेमाल होने वाले रथ का निरीक्षण किया। इस दौरान कन्या पूजन के साथ रथ की पूजा भी की गई। सिंह ने रथ में कुछ बदलाव करने के सुझाव भी दिए। उन्होंने देश में धर्म के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि धर्म का इस्तेमाल केवल सत्ता हासिल करने और वसूली के लिए किया जा रहा है, जो कि अधार्मिक और असंवैधानिक है। इसी के खिलाफ जनजागृति लाने के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने ग्वालियर में हुए हादसे पर भी दुख व्यक्त किया और घटना की तत्काल जांच की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का आधार सर्वधर्म समभाव है। उन्होंने कहा, “हम शिवधाम से रामधाम तक यह यात्रा कर रहे हैं। जिस प्रकार देश में धर्म को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, वसूली और राजनीति में सत्ता प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जा रहा है, वह अधार्मिक और असंवैधानिक है। यह हमारी आस्था के साथ सीधा धोखा है। ” उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा के माध्यम से वे लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि सनातन धर्म सर्वव्यापी है और सर्वधर्म समभाव इसका मूल आधार है। सिंह के अनुसार, लोगों के मताधिकार छीने जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी वे जनता के बीच जाएंगे और इन पर आवाज उठाएंगे। दिग्विजय सिंह की यह 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। पहला, 'वोट चोरी', जिसके तहत वे लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों को जनता के सामने रखेंगे। दूसरा, 'चंदा चोरी', जिसके माध्यम से धार्मिक आस्था और विश्वास से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को उठाया जाएगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागृति लाना बताया गया है, ताकि आम नागरिक इन मुद्दों के प्रति सचेत हो सकें। यह यात्रा उज्जैन से शुरू होकर लगभग 930 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए अयोध्या पहुंचेगी। इस यात्रा का मार्ग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरेगा, जिससे इन राज्यों की जनता को सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। यात्रा के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण किया जाएगा। यात्रा का प्रस्तावित मार्ग मध्य प्रदेश में उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी जैसे शहरों से होकर गुजरेगा।

