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मध्य प्रदेश में दीपोत्सव के पावन पर्व पर रोशनी के इस त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए मीडिया संस्थान ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ ने एक बेहद सराहनीय और जनहितैषी मुहिम की शुरुआत की है। इस अभियान का नारा है: “रोशनी नहीं बुझने देंगे, कार्बाइड गन नहीं बिकने देंगे। ” इस मुहिम के तहत बाजार-बाजार पैनी नजर रखी जाएगी और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों से भी सवाल पूछे जाएंगे, क्योंकि ‘कार्बाइड गन’ दीवाली का जश्न नहीं बल्कि मौत और अंधेरे का सामान बन चुकी है। पिछले साल 2025 की दीवाली के दौरान चलाई गई कार्बाइड गन ने मध्य प्रदेश में भारी तबाही मचाई थी, जिसके आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। राज्यभर में कुल 284 लोग कार्बाइड गन के कारण गंभीर रूप से घायल हुए थे। इनमें से करीब 30 लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए छिन गई थी। यह अभियान आम जनता, विशेषकर अभिभावकों और बच्चों को इस खतरनाक उपकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। शहरवार घायलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 186 लोग घायल हुए, जिनमें से 15 की सर्जरी करनी पड़ी और 10 लोगों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा। विदिशा में 50 से ज्यादा मामले सामने आए, जबकि इंदौर में 31 लोग घायल हुए। शिवपुरी जिले में 17 मामले दर्ज किए गए। इन आंकड़ों के साथ ही, ग्वालियर में 35 मरीज और उज्जैन में 15 मरीज कार्बाइड गन के कारण प्रभावित हुए। सागर में 13 लोग घायल हुए, वहीं जबलपुर में 3 मामले सामने आए। ये आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या कितनी व्यापक है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्बाइड गन एक प्रकार का देसी विस्फोटक उपकरण है, जो बच्चों और युवाओं के बीच काफी प्रचलित हो रहा है। इसका निर्माण और इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। इसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से एसिटिलीन गैस बनती है। जैसे ही यह गैस चिंगारी के संपर्क में आती है, एक बेहद जोरदार धमाका होता है। इस विस्फोट के दौरान गन (पाइप) के लोहे या प्लास्टिक के टुकड़े छर्रो की तरह शरीर में घुस जाते हैं। इससे न केवल चेहरे और त्वचा के झुलसने का खतरा रहता है, बल्कि सबसे बड़ा संकट आंखों पर आता है, जिससे व्यक्ति हमेशा के लिए दृष्टिबाधित हो सकता है। यह उपकरण जानलेवा साबित हो रहा है और दीपावली जैसे खुशियों के त्योहार पर मातम ला रहा है। दीपावली खुशियों, दीपों और रोशनी का त्योहार है, न कि आतिशबाजी के नाम पर जीवनभर का अंधेरा बांटने का जरिया। ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विशेषकर अभिभावकों और बच्चों को इस खतरनाक उपकरण के प्रति जागरूक करना है। पुलिस और संबंधित विभागों को मिलकर इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे।
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