नशा नाश की जड़ है और नशे की प्रवृत्ति व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करती है। सुसंस्कृत, स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज ही विकसित भारत के संकल्प को अक्षुण्ण बनाए रख सकता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यह बात व्यौहारी स्थित पंच ज्योति शक्ति तीर्थ धाम में नशामुक्त एवं मांसाहार मुक्त समाज के निर्माण के लिए आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नशामुक्त एवं मांसाहार मुक्त जीवन अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को दुनिया का नेतृत्व करते हुए देखना केवल भारत की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में व्याप्त अशांति को दूर करने और शांति का मार्ग प्रशस्त करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह तभी संभव है जब समाज नशे जैसी बुराइयों से मुक्त हो और एक सुसंस्कृत एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाए। उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नेक उद्देश्य की पूर्ति के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर आगे आना होगा। नशे से दूर रहकर और जीवन में अच्छे संस्कार अपनाकर ही एक स्वस्थ एवं समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम होगा। शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने गौमाता के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास माना गया है। यह मान्यता भारतीय समाज में गौमाता के प्रति गहरी आस्था और सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने आगे बताया कि गौमाता का गोबर एवं गौमूत्र न केवल देवपूजन के लिए पवित्र माने जाते हैं, बल्कि प्राकृतिक खेती में भी अत्यंत उपयोगी हैं। इनके वैज्ञानिक एवं पारंपरिक उपयोग से प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा मिलता है। इससे धरती माता के स्वास्थ्य एवं उर्वरता की रक्षा करने में भी सहायता मिलती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करता है। स्वस्थ धरती से प्राप्त अन्न मानव जीवन को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने से न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा मिलता है। यह दोहरा लाभ सुनिश्चित करता है कि हम अपने ग्रह और अपने स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रख रहे हैं। नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है। यह व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे वह अपने कर्तव्यों का पालन ठीक से नहीं कर पाता। नशे की लत व्यक्ति को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर बनाती है।
समाचार
नशामुक्त जीवन अपनाकर जीवन सफल बनाएं: उप मुख्यमंत्री
20 अक्टूबर 2026 को 10:29 pm बजे

नशामुक्त जीवन अपनाकर जीवन सफल बनाएं: उप मुख्यमंत्री
