मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नामों में हुई कटौती को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। अब महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा ने दावा किया है कि मतदाता सूची से उनका नाम भी हटा दिया गया है। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह जीवित हैं, ऐसे में उनका नाम किस आधार पर हटाया गया? बाबा ने इस मामले में अदालत जाने की बात कही है। मिर्ची बाबा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मतदाता सूची से मृत लोगों के नाम हटाना उचित है, लेकिन गरीबों, ठेला लगाने वालों और संन्यासियों के नाम भी काटे जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनका नाम हटाया गया है, तो इसका कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। मिर्ची बाबा ने संन्यास परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि उनसे जन्मस्थान का प्रमाणपत्र और माता-पिता के नाम से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि संन्यास लेने के बाद व्यक्ति की पहचान गुरु परंपरा से जुड़ती है। ऐसे में संन्यासियों से मांगे जा रहे दस्तावेजों और मतदाता सूची से नाम हटाने के आधार को स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पहले चुनाव भी लड़ चुके हैं और आयकर भी भरते हैं। बाबा का कहना है कि मतदान का अधिकार एक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है और वह अपने नाम को सूची से हटाए जाने का आधार जानना चाहते हैं। मिर्ची बाबा ने कहा कि वह इस मामले में खुद अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि वह चुप रहकर इस मुद्दे को छोड़ने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, दूसरे संन्यासियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इस पर सभी लोग अपनी बात नहीं रख रहे हैं। मध्य प्रदेश में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुआ। 23 दिसंबर 2025 को जारी प्रारूप सूची में 42.74 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मूल सूची के मुकाबले करीब 34.25 लाख मतदाता कम दर्ज हुए।
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मिर्ची बाबा का मतदाता सूची से नाम हटाने पर विवाद, अदालत जाने की चेतावनी
15 अक्टूबर 2026 को 11:22 pm बजे

मिर्ची बाबा का मतदाता सूची से नाम हटाने पर विवाद, अदालत जाने की चेतावनी
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