क्षय रोग (टीबी) से बचाव, रोकथाम और उपचार के लिए आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षण खांसी, बुखार आना और भूख न लगना जैसे हो सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि टीबी कोई भयानक या लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि इसका पूर्णतः इलाज संभव है। टीबी के सफल इलाज के लिए व्यक्ति को 6 माह की निर्धारित डॉट (प्रत्यक्ष देखा गया उपचार) पद्धति का इलाज लेना अनिवार्य है। इस उपचार को बीच में छोड़ने या अधूरा छोड़ने से बीमारी बढ़ सकती है और इलाज और भी कठिन हो सकता है। इसलिए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित अवधि तक दवा का सेवन निरंतर जारी रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीबी से बचाव के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में संपर्क करके टीबी की जांच करवाई जा सकती है और उचित दवा की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। समय पर जांच और सही उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग आम जनता से आग्रह करता है कि टीबी के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। यह बीमारी मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलती है, जब टीबी से पीड़ित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है। इसलिए, भीड़भाड़ वाली जगहों पर या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखना भी बचाव का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
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टीबी से बचाव और उपचार की अपील
18 अक्टूबर 2026 को 11:52 pm बजे
