दशहरे पर जिला मुख्यालय में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया पूजन
जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर एक भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कलेक्टर, एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की उपस्थिति रही, जिन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्रों और वाहनों का विधिवत पूजन किया। उन्होंने प्रदेश और देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी नागरिकों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। शस्त्र पूजन के इस पवित्र अवसर पर, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की एक अनूठी परंपरा शस्त्र पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आत्मरक्षा और वीरता के महत्व को दर्शाती है। मंत्री वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि हम सभी को अपने व्यक्तिगत कर्तव्यों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के साथ-साथ, जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर, कलेक्टर बालागुरू और एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने भी पूरे श्रद्धाभाव से शस्त्रों और वाहनों का पूजन किया। इस सामूहिक पूजन ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया और सभी उपस्थित लोगों को एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि यह देश की सुरक्षा और समृद्धि के प्रति सभी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस विशेष कार्यक्रम में, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा का पर्व हमें याद दिलाता है कि अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की और अन्याय पर न्याय की विजय हमेशा होती है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि हमें जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना साहस और दृढ़ संकल्प से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान राम ने रावण का वध करके धर्म की स्थापना की, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में धर्म और अधर्म के बीच अंतर को समझना चाहिए और सदैव धर्म का ही अनुसरण करना चाहिए। मंत्री वर्मा ने आगे कहा कि शस्त्र केवल रक्षा के लिए होते हैं, और उनका उपयोग केवल न्याय और धर्म की रक्षा के लिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्रों को पूजनीय माना गया है, क्योंकि वे हमारी रक्षा करते हैं और हमें अपनी सीमाओं की सुरक्षा का एहसास कराते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शस्त्रों के महत्व को समझें और उनका दुरुपयोग कभी न करें। उन्होंने कहा कि हमें अपनी वीरता और पराक्रम का उपयोग राष्ट्र की सेवा में करना चाहिए, न कि किसी भी प्रकार के विध्वंस या हिंसा में। शस्त्र पूजन भारतीय परंपरा का एक अभिन्न अंग है, जो वीरता, शौर्य और आत्म-रक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। यह पर्व हमें अपने पूर्वजों की वीरता और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। राजस्व मंत्री ने कहा कि हमें उनकी विरासत का सम्मान करना चाहिए और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए।

