दस्तावेजीकरण, संवाद कौशल और क्षमता संवर्धन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड सौंसर, जिला छिंदवाड़ा के अंतर्गत नवांकुर संस्था जनजातीय पिछड़े कल्याण संकल्प संस्थान, देवी के मार्गदर्शन में ग्राम उटेकाटा में सेक्टर क्रमांक-3 की समस्त ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के लिए एक दिवसीय सेक्टर स्तरीय प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों को सशक्त बनाना, उनके कार्यों में पारदर्शिता और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी के माध्यम से विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना रहा। जिला समन्वयक अखिलेश जैन के निर्देशों का पालन करते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समितियों के दस्तावेजीकरण, संवाद कौशल और क्षमता संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रघुनाथ माडवी के गरिमामय स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक राजेंद्र भक्ते ने परिषद के परिचय, उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका और एक समाजसेवी संगठन के रूप में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। भक्ते ने बताया कि ये समितियाँ ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और इनके माध्यम से ही जमीनी स्तर पर विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। परामर्शदाता सुभाष ठाकरे ने उपस्थित प्रतिभागियों को जल संरक्षण, नशामुक्ति, वृक्षारोपण, स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण विकास में जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब तक ग्रामीण स्वयं आगे बढ़कर विकास कार्यों में हिस्सा नहीं लेंगे, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए समितियों के सक्रिय योगदान पर जोर दिया। वहीं, परामर्शदाता दिनेश सोमकुवर ने ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बैठक पंजी, कार्यक्रम आय-व्यय रजिस्टर और गतिविधि रजिस्टर के संधारण तथा उनके मूल्यांकन की विधि बताई। सोमकुवर ने यह भी स्पष्ट किया कि समितियों के कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए किस प्रकार के तकनीकी ज्ञान और कौशल की आवश्यकता होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को इन सभी बिंदुओं पर गहन प्रशिक्षण दिया ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नवांकुर सखी समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य गण उपस्थित रहे।

