उन्होंने आगामी माहों में सभी तीज-त्यौहारों में कानून-व्यवस्था की बेहतर से बेहतर तैयारी रखने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्यौहारों और सामाजिक मेलों के आयोजन के संदर्भ में कलेक्टर-एसपी को विशेष रूप से निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं। कहीं भी किसी भी प्रकार की सामाजिक/साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए, सभी आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं सुरक्षा कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी तीज-त्यौहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान कानून व्यवस्था की बेहतर तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी-आईजी के साथ एक समीक्षा बैठक में कहा कि त्यौहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग हर हाल में रोका जाए, क्योंकि ये मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। दीपावली पर पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न होने देने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी जिले में कोई भी विषम परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार माने जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स और एसपी-आईजी को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में उन्होंने राज्य सरकार की सभी फ्लैगशिप योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के जमीनी क्रियान्वयन का फीडबैक लिया। उन्होंने आगामी महीनों में आने वाले सभी तीज-त्यौहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को अत्यंत बेहतर बनाए रखने के लिए अभी से पूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए। सुरक्षा और आकस्मिक प्रबंधन से जुड़े विषयों पर आपसी सामंजस्य स्थापित कर कार्य करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्यौहारों और सामाजिक मेलों के आयोजन के संबंध में कलेक्टर-एसपी को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी किसी भी प्रकार का सामाजिक या सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न न हो। इसके लिए सभी आवश्यक प्रतिबंधात्मक और सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से दीपावली पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। इन भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित और प्रभावी पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पटाखों की दुकानों को लाइसेंस जारी करते समय सभी जरूरी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। विक्रेताओं की दुकानों का भौतिक सत्यापन और निरीक्षण भी किया जाना चाहिए। किसी भी स्थान पर विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण नहीं होने देना चाहिए। यदि अवैध भंडारण पाया जाता है, तो उस पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय, भंडारण और उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि को देखते हुए इनके उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहनों, उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए और निकटवर्ती अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों को पूर्व से ही अलर्ट पर रखा जाना चाहिए। चिकित्सकों की ड्यूटी भी पूर्व-निर्धारित कर दी जानी चाहिए। शहर और कस्बों के मुख्य मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि सुरक्षा बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में आगामी पर्वों के मद्देनजर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें। सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि त्यौहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बगैर किसी दुर्घटना के संपन्न हो सकें। यह सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्बाइड गन के उपयोग की प्रक्रिया में पानी के संपर्क में आने पर कैल्शियम कार्बाइड से अत्यधिक ज्वलनशील एसिटिलीन गैस निकलती है। यह गैस थोड़ी सी चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है। इस विस्फोट में छोटे-छोटे प्लास्टिक और धातु के कण बाहर निकलकर आंखें, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। एसिटिलीन गैस के जलने से त्वचा पर झुलसने या आग लगने का खतरा भी रहता है। यह गैस आंखों और त्वचा के लिए बेहद हानिकारक है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 में एक एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटाखों के भंडारण और क्रय-विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो और जान-माल की सुरक्षा से भी कोई समझौता न हो। त्यौहारों के दौरान अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि उत्सव सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी सभी तीज-त्यौहारों के दौरान खाद्य सामग्रियों में मिलावटखोरी को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयां कतई नहीं बिकनी चाहिए। इस संबंध में विभाग ने बताया कि अब तक मिलावटखोरी पाए जाने पर 17 लायसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 42 प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन अभियान चलाकर अधिक से अधिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। यदि मिलावट की शंका होती है, तो खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाने चाहिए और यदि आवश्यक हो, तो खाद्य पदार्थों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाए।
