हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर से लेकर गार्डन तक, कई दृश्यों का हुआ फिल्मांकन
बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक नीरज पांडे की क्राइम थ्रिलर फिल्म 'गजब रात' इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर छाई हुई है। इस सस्पेंस से भरी थ्रिलर फिल्म के कई अहम दृश्य भोपाल के मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल के परिसरों में फिल्माए गए हैं। फिल्म की 50 फीसदी से ज्यादा शूटिंग इन्हीं स्थानों पर पूरी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और संस्थान से जुड़े छात्रों-कर्मचारियों में खासा उत्साह है। एक्टर मनोज वाजपेयी की यह नेटफ्लिक्स फिल्म 'गजब रात' अपने रहस्यमयी दृश्यों के लिए जानी जा रही है। भोपाल के मानसरोवर हॉस्पिटल में फिल्माए गए सस्पेंस से भरे सीक्वेंस को देखने के लिए शहर के लोग भी उत्सुक हैं। मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चीफ एग्जिक्युटिव डायरेक्टर इंजी। गौरव तिवारी ने बताया कि फिल्म के कई महत्वपूर्ण दृश्य एमजीयू हॉस्पिटल और मानसरोवर मेडिकल कॉलेज परिसर में फिल्माए गए हैं। यह एक्शन और इन्वेस्टिगेशन पर आधारित फिल्म है, जिसमें अभिनेता मनोज वाजपेयी का किरदार अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड और कॉरिडोर में तेजी से भागते हुए और मामलों की तह तक पहुंचते हुए नजर आ रहा है। फिल्म के कई दृश्य प्रांगण और आसपास के इलाकों में भी शूट किए गए हैं। हॉस्पिटल का ऑपरेशन थिएटर, पेशेंट वार्ड्स, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस मशीनें, फार्मेसी एरिया, पैरामेडिकल लैब्स, हॉस्पिटल कॉरिडोर, रिसेप्शन एरिया, गार्डन और अन्य हिस्सों में भी कई सारे दृश्य फिल्माए गए हैं। इन सभी लोकेशंस का उपयोग फिल्म के सस्पेंसफुल माहौल को बनाने में किया गया है। मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल ने फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स प्रदान किए। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पालन किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स स्थानीय प्रतिभाओं और संस्थानों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। निर्देशक नीरज पांडे ने फिल्म की शूटिंग के लिए भोपाल को चुनने के पीछे यहां की विशिष्ट वास्तुकला और शांत वातावरण को बताया। उन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ के सहयोग की भी सराहना की।
भोपाल के मानसरोवर हॉस्पिटल में मनोज वाजपेयी की फिल्म 'गजब रात' का सस्पेंस भरा सीक्वेंस हुआ फिल्मांकन
मनोज वाजपेयी एक ऐसे जासूस की भूमिका निभा रहे हैं जो सच्चाई का पता लगाने के लिए हर संभव कोशिश करता है। फिल्म में कई ऐसे मोड़ हैं जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं। फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद, यह नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई और इसने दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया प्राप्त की है। कुछ लोगों ने इसकी कहानी और अभिनय की प्रशंसा की है, जबकि कुछ को इसका धीमा गति से आगे बढ़ना पसंद नहीं आया। कुल मिलाकर, यह एक ऐसी फिल्म है जो थ्रिलर और सस्पेंस के शौकीनों को पसंद आ सकती है। मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के लिए यह एक गर्व का क्षण है कि उनके परिसर का उपयोग एक राष्ट्रीय स्तर की फिल्म की शूटिंग के लिए किया गया। इस घटना से संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ी है और भविष्य में ऐसे और अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। फिल्म की सफलता से संस्थान को भी पहचान मिली है।
