मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर्स, एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं किसी भी जिले में अचानक पहुंचकर अभियान में शामिल होंगे, जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली में और अधिक जवाबदेही आएगी। जिन जिलों में जनसमस्याओं के लंबित प्रकरणों की स्थिति बनी हुई है, वहां के कलेक्टर विशेष प्रयास कर उन्हें न्यूनतम स्तर पर लाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, और पीएचई जैसे विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को CM हेल्प लाइन में सर्वाधिक लंबित शिकायतों पर तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने जन विश्वास अभियान में कुछ कलेक्टरों द्वारा गंभीरता से काम न करने पर गहरी आपत्ति जताई और तत्काल प्रदर्शन सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के तहत 21 अक्टूबर 2026 तक 1.60 लाख रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व सम्मान के तहत नि:शुल्क रजिस्ट्री के महा अभियान की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 49 लाख 48 हजार 980 प्लाट्स की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1 लाख 60 हजार 230 नि:शुल्क रजिस्ट्रियां की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले 3 उप-पंजीयकों और 3 पटवारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शून्य प्रगति वाले हल्कों की जानकारी मिलने पर रीवा, शहडोल और धार जिलों के कलेक्टरों को तत्काल प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य सचिव बर्णवाल ने स्वामित्व योजना में न्यूनतम प्रगति वाले 10 जिलों के कलेक्टरों पर नाराजगी जताते हुए फौरन सुधार लाने को कहा। उन्होंने उन पटवारी हलकों में तत्काल काम शुरू कराने का निर्देश दिया जहां अभी तक काम आरंभ नहीं हुआ है।
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में अब अचानक शामिल होंगे: डॉ. यादव
21 अक्टूबर 2026 को 10:46 pm बजे
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में अब अचानक शामिल होंगे: डॉ. यादव
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