कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को उज्जैन में याद किया गया, भव्य परेड के साथ परिजनों का हुआ सम्मान
उज्जैन पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। परेड और सलामी के साथ उनके बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया गया। यह दिन उन वीर आत्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में, शहीद पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। उज्जैन पुलिस लाइन में बुधवार को सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। परेड के दौरान, शहीद जवानों को सलामी दी गई और उनके शौर्य एवं बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले साथियों को याद किया। यह दिन न केवल शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति संवेदना और समर्थन जताने का भी है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल और भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस-प्रशासन के अन्य अधिकारी भी इस भावुक क्षण के साक्षी बने। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों ने शहीदों के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। परेड का दृश्य अत्यंत मार्मिक था। कर्तव्य निभाते हुए वीरगति प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों की याद में, उपस्थित सभी लोगों ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पुलिस परंपरा के अनुसार, परेड के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सलामी देकर उनके बलिदान के प्रति अपना सम्मान जताया। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी हिम्मत और देश के प्रति समर्पण की सराहना की। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि शहीदों का साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा पुलिस बल के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस स्मृति दिवस, जो हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, उन सभी पुलिसकर्मियों के त्याग और कर्तव्य को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है जिन्होंने अपनी जान गंवाई। यह दिन हमें उनकी बहादुरी, निष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की याद दिलाता है।
