राज्य सरकार जवानों के कल्याण के लिए सक्रिय, शहादत के बाद मिलेगी 50% राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल का समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरगति को प्राप्त पुलिसकर्मियों के परिजनों से भेंट कर उन्हें सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर परेड द्वारा जनरल सैल्यूट से उनका अभिवादन किया गया, जिसके बाद बिगुलर ने सलामी धुन बजाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पाल-बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूचिका प्रस्तुत की गई, जिसे उन्होंने सम्मानपूर्वक स्मारक कोष में संस्थापित किया। बिगुलर द्वारा लास्ट पोस्ट धुन बजाए जाने के बाद सभी उपस्थित महानुभाव ने खड़े होकर शहीदों को सम्मान प्रकट किया। इस कार्यक्रम में भोपाल की महापौर मालती राय, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस और सशस्त्र बलों का समाज में विशेष महत्व है। हमारी सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में हमारे पुलिस बल और सशस्त्र बलों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। आज जब पूरी दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत का लोकतंत्र हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की बदौलत सुरक्षित और सशक्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्व के साथ घोषणा की कि मध्य प्रदेश 35 वर्ष पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर निकला है। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर जवानों ने मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर नक्सलवाद की चुनौती का समूल नाश किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्य प्रदेश देश में सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। राज्य सरकार पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस जवानों और उनके परिवार के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जवानों की शहादत के बाद दी जाने वाली 1 करोड़ रुपये की राशि में से 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत बुजुर्ग माता-पिता को देने का निर्णय किया गया है। पुलिस विभाग में नई भर्ती, पदोन्नति और सभी प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के बाद प्रदेश में इनके अनुसार व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई हैं। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज हम कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का स्मरण कर रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस का एक गौरवशाली इतिहास रहा है, और इस वर्ष मध्य प्रदेश पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पुलिस स्मृति दिवस पर सूची में संपूर्ण राष्ट्र के 154 अधिकारी-कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि ये परिवार वृहद पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और इनका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
