मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए ई-अटेंडेंस के नियम से राहत दी है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के बाद प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के हित में स्कूल शिक्षा विभाग का एक और महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। सिंह के अनुसार, अतिथि शिक्षकों को उनकी कार्य-सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सत्र के दौरान कुल 30 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया है। अतिथि शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करते ही 3 दिन की आकस्मिक अवकाश पात्रता होगी और साथ ही हर महीने का कार्य पूर्ण होने पर मानदेय भुगतान प्रक्रिया होगी। अतिथि शिक्षक सत्र के दौरान उपलब्ध अवकाश में से एक बार में अधिकतम 10 दिन का अवकाश ले सकेंगे। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है जिससे सभी जिलों में समय पर निर्देश लागू हो सकें। स्कूल शिक्षा विभाग में इस बार शिक्षकों के ट्रांसफर के दौरान एक बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की भी है जिन्होंने ट्रांसफर के लिए अप्लाई तो किया था लेकिन ट्रांसफर मिलने के बाद भी उन्होंने स्थानांतरण आदेश को स्वीकार नहीं किया। ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाने के कारण एजुकेशन पोर्टल में दूसरे स्कूल पर नियमित शिक्षक के ट्रांसफर के कारण वैकेंसी नॉट अवेलेबल बताई जा रही है जिससे पुराने शिक्षक री-जॉइनिंग नहीं कर पा रहे हैं और सैकड़ो स्कूलों के प्राचार्य द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी गई है।
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अतिथि शिक्षकों को तीस आकस्मिक अवकाश मिले
शहर संवाददाता26 जुलाई 2026 को 5:51 am बजे
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