मध्य प्रदेश शासन के पुलिस विभाग और उच्च शिक्षा विभाग ने मिलकर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीहोर में युवा सृजन संवाद कार्यक्रम-2026 का सफल आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो इस आयोजन की व्यापकता और विद्यार्थियों की रुचि को दर्शाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कानून, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे समाज में एक सकारात्मक भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस और आम नागरिकों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। चौबे ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस से बिना किसी झिझक के संवाद करें और जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने में संकोच न करें। उनकी यह बात युवाओं को पुलिस के प्रति अधिक सहज और विश्वासपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नितिन बातव और वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. उदय डोलस ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को कानून, उनके अधिकारों और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति सचेत रहने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्यों ने इस बात पर बल दिया कि एक जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकता है। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने विद्यार्थियों में अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति एक नई चेतना जागृत की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने अपनी विशेषज्ञता साझा की। अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी शिरीष उपासनी ने आपराधिक न्याय व्यवस्था की जटिलताओं और प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। वहीं, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सुशील साल्वे ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल नागरिकता के महत्व पर प्रकाश डाला, जो आज के डिजिटल युग में अत्यंत आवश्यक है। यातायात थाना के निरीक्षक बृजमोहन धाकड़ ने सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने, नशा मुक्ति के फायदों और हिंसा निवारण के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, रेडियो शाखा के निरीक्षक देवेंद्र सिंह परिहार ने आपातकालीन प्रबंधन और फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। रक्षित केंद्र की सूबेदार प्राची राजपूत ने मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत कल्याण और आत्महत्या रोकथाम जैसे संवेदनशील विषयों पर बात की, जो युवाओं के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे ने पुलिस थाने की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि जरूरत पड़ने पर वे कहां और कैसे मदद ले सकते हैं। सभी वक्ताओं ने मिलकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित रूप से उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी। आपातकालीन परिस्थितियों में सही कदम उठाने की जानकारी भी दी गई, ताकि वे किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार रहें। यह जानकारी युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में मदद करेगी। कार्यक्रम का एक मुख्य संदेश यह था कि विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करना चाहिए। सामाजिक सद्भाव और नागरिक अनुशासन बनाए रखना एक स्वस्थ समाज के लिए अनिवार्य है।
समाचार
कानून, साइबर सुरक्षा पर युवाओं को किया जागरूक, प्रधानमंत्री कॉलेज में हुआ संवाद
24 अक्टूबर 2026 को 11:00 pm बजे
कानून, साइबर सुरक्षा पर युवाओं को किया जागरूक, प्रधानमंत्री कॉलेज में हुआ संवाद
साझा करेंWhatsApp
