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उन्होंने स्थिति से अनजान बनते हुए तुरंत वेबसाइट की तकनीकी कमियों को दिखवाने और आम जनता को हो रही असुविधा को दूर करने के लिए उचित प्रबंध करने का भरोसा दिलाया है। फ्लैट आवंटन के लिए फार्म वितरण प्रक्रिया इंदौर विकास प्राधिकरण के लिए सिरदर्द बन गई है। गुरुवार को फार्म लेने के लिए उमड़ी भीड़ ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। आम जनता को हो रही असुविधा को दूर करने के लिए प्राधिकरण ने वेबसाइट की तकनीकी खामियों को दूर करने और उचित प्रबंध करने का आश्वासन दिया है। डेवलपमेंट के लिए फार्म बांटे जा रहे हैं, लेकिन वेबसाइट न चलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नौकरी छोड़कर लाइनों में खड़े होने को मजबूर आम नागरिक फार्म प्राप्त करने के लिए पहुंचे नागरिकों का कहना है कि उन्हें अपनी नौकरियां छोड़कर इस प्रक्रिया में शामिल होना पड़ रहा है। लगातार कई दिनों तक भटकने के बाद भी जब फार्म हाथ नहीं लगते हैं, तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। गुरुवार को भी ऐसा ही देखने को मिला जब गुस्साए लोगों ने कार्यालय में जमकर हंगामा किया और अधिकारियों तथा कर्मचारियों से तीखी बहस की।
इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत निकाले गए फ्लैटों के आवंटन के लिए इन दिनों फार्म बांटे जा रहे हैं, लेकिन यह प्रक्रिया आम जनता के लिए सिरदर्द बन गई है। गुरुवार को फार्म वितरण के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि वहां मारपीट की स्थिति तक निर्मित हो गई, जिसे संभालने के लिए आखिरकार अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। वेबसाइट न चलने से बढ़ी लोगों की मुश्किलें प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट सुचारू रूप से काम नहीं कर रही है, जिसके कारण फ्लैट आवंटन का विकल्प न तो नजर आ रहा है और न ही लोग ऑनलाइन आवेदन कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मजबूर होकर लोग कार्यालय का रुख कर रहे हैं, जहां रोजाना केवल 20 ही फार्म वितरित किए जा रहे हैं। लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है और उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा जाता है। लगातार दो से तीन दिनों तक चक्कर काटने के बाद जब लोगों को फार्म नहीं मिलते हैं, तो उनका सब्र टूट जाता है। नौकरी छोड़कर लाइनों में खड़े होने को मजबूर आम नागरिक फार्म प्राप्त करने के लिए पहुंचे नागरिकों का कहना है कि उन्हें अपनी नौकरियां छोड़कर इस प्रक्रिया में शामिल होना पड़ रहा है। लगातार कई दिनों तक भटकने के बाद भी जब फार्म हाथ नहीं लगते हैं, तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
लोगों का यह भी सवाल है कि आज के डिजिटल युग में जहां हर काम ऑनलाइन संभव है, वहां प्राधिकरण अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में क्यों असफल साबित हो रहा है।
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