अवकाश के बावजूद शेष ट्रॉलियों की हुई नीलामी
गुना जिले की कृषि उपज मंडी में मक्का की बंपर आवक के बीच किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। खरीफ की मुख्य फसल मक्का इस समय चरम पर है, जिससे मंडियों में भारी मात्रा में फसल पहुंच रही है। उम्मीद से बेहतर मिल रहे भावों ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। जिले के किसान इस बात से संतुष्ट हैं कि उन्हें अपनी उपज का वाजिब दाम मिल रहा है। यह राहत तब और बढ़ गई जब घोषित तीन दिवसीय अवकाश के बावजूद शनिवार को कृषि उपज मंडी में मक्का की नीलामी प्रक्रिया जारी रही। पिछले दिन बिक्री से वंचित रह गए किसानों को इससे बड़ी राहत मिली। दरअसल, अत्यधिक आवक के कारण बीते दिन गोपालपुरा मैदान में खड़े दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरा मक्का नीलाम नहीं हो सका था। मंडी समिति ने व्यापारियों के साथ मिलकर शनिवार सुबह इन शेष वाहनों की नीलामी पूरी कराई। हालांकि, पूर्व घोषित अवकाश की सूचना के चलते शनिवार को मंडी परिसर में नए किसान अपनी फसल लेकर नहीं पहुंचे। इससे परिसर में भीड़ नियंत्रित रही और नीलामी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकी। मंडी प्रबंधन के अनुसार, शनिवार को शेष बची ट्रॉलियों के निपटारे के बाद अब आगामी दो दिनों तक मंडी में नियमित कामकाज बंद रहेगा। वर्तमान में मंडी में लाई जा रही अधिकांश मक्का में नमी (गीलापन) बनी हुई है। इसके बावजूद, व्यापारी नीलामी के दौरान बेहतर बोलियां लगा रहे हैं। गीली मक्का भी मंडी में 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है। यह किसानों के लिए एक सुखद आश्चर्य है कि नमी होने के बावजूद उनकी फसल को अच्छा मूल्य मिल रहा है। अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी मक्का के भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल की ऊंचाई को छू चुके हैं। यह दर्शाता है कि बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली फसल की मांग बनी हुई है और किसान इसके लिए प्रीमियम मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। यह स्थिति मक्का उत्पादक किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है। मंडी प्रबंधन ने सूचित किया है कि मंगलवार को पुनः बोली प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आवक को सुचारू किया जाएगा।

