तनोड़िया ग्राम में आयोजित पशुपालक सम्मेलन में संभागायुक्त ने गोवंश नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष बल दिया
उज्जैन संभाग के वृंदावन ग्राम तनोड़िया में पशुपालकों से संवाद करते हुए संभागायुक्त आशीष सिंह ने गोवंश में नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के भी आदेश दिए
उज्जैन संभाग के वृंदावन ग्राम तनोड़िया में पशुपालकों के साथ संवाद करते हुए संभागायुक्त आशीष सिंह ने गोवंश में नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। शुक्रवार को आयोजित पशुपालक सम्मेलन में उन्होंने उपस्थित लोगों से पशुओं की संख्या, नस्ल, दुग्ध उत्पादन और सहकारी समितियों के गठन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। संभागायुक्त ने एसडीएम और तहसीलदार को गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के भी आदेश दिए, ताकि पशुओं के लिए पर्याप्त चरागाह उपलब्ध हो सके। आशीष सिंह ने पशुपालकों से मुख्यमंत्री गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना में अधिक से अधिक देशी नस्ल की गायों का पंजीकरण कराने का आह्वान किया, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। इस दौरान, एडीजीपी राकेश कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों की मांग पर तनोड़िया में एक नवीन ग्रामीण पुलिस थाना स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले स्वयंसेवकों और ग्रामीणों को तत्काल सहायता पहुंचाने और चिकित्सालय तक पहुंचाने के प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का भी आदेश दिया। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने भी गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के महत्व पर प्रकाश डाला और ग्रामीणों को देशी नस्ल की गायों के पालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने योजना में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उप संचालक पशुपालन डॉ. महेश जारोलिया ने विभाग की विभिन्न योजनाओं, जैसे डॉ. आंबेडकर कामधेनु योजना, डेयरी प्लस योजना और आचार्य विद्यासागर योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने तनोड़िया में इन योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के बारे में भी अवगत कराया। सांची दुग्ध संघ उज्जैन के अधिकारियों ने दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं, उपलब्ध सुविधाओं और समिति गठन से होने वाले लाभों की जानकारी साझा की। संघ के सीईओ धनराज खत्री ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उज्जैन संभाग के लिए बोर्ड द्वारा 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

