बारिश अलर्ट: मध्य प्रदेश के 15 जिलों में अलर्ट, तापमान में गिरावट दर्ज
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पिछले 72 घंटों से राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ रही हैं। इस दौरान तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), भोपाल, ने रविवार, 18 अक्टूबर को राज्य के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बदलता मौसम राज्य के कई संभागों को प्रभावित कर रहा है। आईएमडी के अनुसार, अगले 24 घंटों में नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश होने की संभावना है। राज्य के ग्वालियर-चंबल संभाग में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम में आए इस बदलाव ने राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित किया है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और गरज के साथ बौछारें दर्ज की गई हैं। पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश में एक चक्रवाती परिसंचरण मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसका असर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों में देखा जा रहा है। शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बड़वानी जिले के सेंधवा में, सीहोर और पीथमपुर में भी बारिश दर्ज की गई। वहीं, रीवा और सागर संभागों में बादल छाए रहे। लगातार हो रही बारिश और बादलों के जमावड़े ने राज्य भर में मौसम की स्थिति को बदल दिया है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह गिरावट सर्दियों के आगमन का संकेत दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है, जो धीरे-धीरे सर्दियों के मौसम की शुरुआत का संकेत दे रहा है। अनुमान है कि 20 अक्टूबर के आसपास तापमान में और कमी आ सकती है, जिससे सर्दियों का मौसम शुरू हो सकता है। आईएमडी ने संकेत दिया है कि 18 और 19 अक्टूबर को कुछ जिलों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस अवधि के बाद, किसी और मौसम अलर्ट के जारी रहने की उम्मीद नहीं है, जैसा कि दी गई जानकारी से पता चलता है। हालांकि, यह मौसमी बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि यह खरीफ की फसलों को प्रभावित कर सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से, राज्य के कई हिस्सों में हवा की गति भी बढ़ी हुई है।

