मध्य प्रदेश में रबी सीजन के दौरान बिजली की बढ़ती मांग के बीच अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिजली आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि किसानों, ग्रामीणों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कैबिनेट बैठक में ठोस निर्णय लिए जाएं। जीतू पटवारी का कहना है कि किसान खेतों में सिंचाई के लिए बिजली का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई जिलों में अघोषित कटौती से आम लोग भी परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में किसान बिजली की समस्या को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और बिजली कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। पटवारी ने सरकार के किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि निर्धारित समय तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, तो अलग-अलग क्षेत्रों से केवल दो से चार घंटे बिजली मिलने की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में बोवनी और फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की नियमित आपूर्ति जरूरी है। ऐसे में सरकार को पहले से पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से अघोषित बिजली कटौती रोकने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की है। उन्होंने किसानों को निर्धारित 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, बंद बिजली इकाइयों को जल्द चालू करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने की बात कही। मध्य प्रदेश के किसान खेतों में सिंचाई के लिए बिजली का इंतजार कर रहे हैं। कई जिलों में अघोषित कटौती से नागरिक परेशान हैं! कहीं किसानों का आक्रोश सड़कों पर है, तो कहीं बिजली दफ्तरों पर ताले लग रहे हैं! लेकिन, @बीजेपी4एमपी सरकार खामोश बैठी है!
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बिजली कटौती पर पटवारी का सरकार से सवाल
15 अक्टूबर 2026 को 11:22 pm बजे
