मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागझिरी चौराहे पर आयोजित दशहरा उत्सव को वर्चुअली संबोधित किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में समरसता के लिए केवल रावण दहन तक सीमित न रहकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज में समरसता का वातावरण बनाने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल रावण दहन तक सीमित न रहकर, हमें प्रभु श्रीराम के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नागझिरी चौराहे पर दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रावण दहन और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बादल चौहान और आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारियों को उनके सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने प्रभु श्रीराम की विजय का उत्सव मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सत्य और न्याय के मार्ग पर चला जा सकता है। उन्होंने कहा कि रावण का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन यह जीत तभी सार्थक होगी जब हम अपने भीतर की बुराइयों का भी अंत करेंगे और श्रीराम के आदर्शों को अपनाएंगे। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल पारंपरिक उत्सवों का आयोजन कर रहे हैं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे रहे हैं। यह कार्यक्रम उज्जैन के नागझिरी चौराहे पर आयोजित किया गया था, जहाँ दशहरा उत्सव समिति ने बड़ी धूमधाम से रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न कराया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का कार्यक्रम विशेष रूप से सफल रहा, जिसमें स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के वर्चुअल संबोधन ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। यह विचार उन्होंने कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए, जिससे उपस्थित जनमानस काफी प्रभावित हुआ।
