कद्दू की बलि और घोड़ों को गुड़ खिलाकर निभाई गई परंपरा
उज्जैन के डीआरपी पुलिस लाइन में विजयादशमी का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामूहिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार, मां काली की पूजा-अर्चना और हवन के बाद पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और अपर महानिदेशक (एडीजी) राकेश गुप्ता ने हर्ष फायर कर पर्व की परंपरा निभाई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और शहरवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन शहर में सांप्रदायिक सद्भाव और एकता का प्रतीक बना। सामूहिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक साफा पहनकर धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई। हवन के उपरांत, कद्दू काटकर बलि की प्रतीकात्मक परंपरा का निर्वहन किया गया। इसके साथ ही, शासकीय पुलिस वाहनों का भी पूजन किया गया, जिसमें घोड़ों को गुड़ खिलाना भी शामिल था। यह अनुष्ठान पुलिस विभाग की शक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है। पुलिस विभाग में शस्त्र पूजन की यह परंपरा न केवल शक्ति और शौर्य का प्रतीक है, बल्कि यह जनसुरक्षा के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प भी व्यक्त करती है। इस अवसर पर शस्त्रों और वाहनों की पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि वे सदैव सुरक्षा के लिए तत्पर रहें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा प्रमुख थे।

