अग्निकांड के बाद तय हुए थे रास्ते खाली रखने और हॉकर्स शिफ्ट करने के फैसले, पर अब तक लागू नहीं
बड़ी में 8 अक्टूबर को हुए अग्निकांड में 5 दुकानें जलने के बाद भी बाजार की व्यवस्था नहीं सुधरी है। दुकानों के आगे नई पीली लाइन खींचने और हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट करने का फैसला अब तक लागू नहीं हुआ है। निगम की कार्रवाई के दौरान ठेले हट जाते हैं, लेकिन अमला जाते ही दोबारा लग जाते हैं, जिससे बाजार के रास्ते फिर संकरे हो जाते हैं। ऐसे में आग लगने पर दमकल और राहत दल के पहुंचने में परेशानी का खतरा बना हुआ है। अग्निकांड के बाद निगम अफसरों और व्यापारियों की बैठक में रास्ते खाली रखने पर सहमति बनी थी। इसके तहत दुकानों के आगे पीली लाइन खींचकर सामान रखने की सीमा तय होनी थी और हॉकर्स को भी निर्धारित जगह पर बैठाना था। हालांकि, 12 दिन बाद भी दोनों फैसले अधूरे हैं। रास्तों को खाली रखने और आग लगने पर दमकलों के पहुंचने की स्थिति देखने के लिए नियमित मॉकड्रिल शुरू की गई थी, लेकिन 16 अक्टूबर को दमकल की टक्कर से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद विरोध प्रदर्शन और त्योहारों की भीड़ को देखते हुए संकरी गलियों में दमकलें दौड़ाना बंद कर दिया गया।
