महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि ने किया ध्वजा का पूजन
उज्जैन में विजयदशमी के पावन अवसर पर मंगलवार को महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर तहसील की ओर से ध्वजा चढ़ाई गई। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत शिखर पर चढ़ाई जाने वाली पहली ध्वजा के विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने पूरे विधि-विधान से इस पूजन को संपन्न कराया। पूजन के बाद, विजयदशमी के शुभ अवसर पर बाबा महाकाल के शिखर पर ध्वजा को चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने इस परंपरा के साक्षी बनकर धर्म और उत्सव के इस अनूठे संगम का अनुभव किया। ध्वजारोहण के समय पूरा मंदिर परिसर भगवान महाकालेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ जयघोष लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने स्वयं ध्वजा का पूजन कर इस परंपरा को आगे बढ़ाया। यह आयोजन महाकालेश्वर मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं का अभिन्न अंग है, जिसे हर साल विजयदशमी पर बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उन्होंने धर्म और परंपरा के इस उत्सव में सहभागिता की और बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन के साक्षी बनने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी, जिन्होंने इस पवित्र पल का अनुभव किया। मंदिर में पूरे दिन विजयदशमी पर्व को लेकर एक विशेष धार्मिक माहौल बना रहा, जो श्रद्धालुओं के मन में गहरी श्रद्धा का संचार कर रहा था। महाकालेश्वर मंदिर में विजयदशमी का पर्व एक विशेष महत्व रखता है, जो यहां की सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा हुआ है। इस दिन मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह श्रद्धालुओं को धर्म, परंपरा और आस्था के धागों से जोड़ने का एक माध्यम भी है। इस वर्ष भी इस परंपरा का निर्वाह बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। तहसील की ओर से आयोजित इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस परंपरा के निर्वहन में सहयोग दिया और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि वे बिना किसी बाधा के इस धार्मिक आयोजन में भाग ले सकें। उज्जैन में विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार को महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर तहसील की ओर से ध्वजा आरोहण किया गया। महंत विनीत गिरि महाराज ने इस अवसर पर कहा कि यह परंपरा हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

