मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट- 2027 (जीआईएस- 2027) से पहले मध्य प्रदेश के लिए एक व्यापक नीतिगत रोडमैप तैयार कर रही है। इस रोडमैप में सस्ते आवास के निर्माण से लेकर कोल गैसीकरण और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा देने की योजनाएं शामिल हैं। भोपाल (ईएमएस) के अनुसार, मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने की नई रणनीति अब केवल उद्योगपतियों को रियायतें देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार औद्योगिक निवेश के साथ-साथ श्रमिकों के आवास, वैकल्पिक ऊर्जा, कोयले के औद्योगिक उपयोग और स्थानीय उत्पादों के बाजार विस्तार पर भी महत्वपूर्ण दांव लगाने जा रही है। जीआईएस-2027 से पहले प्रस्तावित ये नई नीतियां इसी बदली हुई रणनीति का हिस्सा हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, साथ ही प्रदेश में उद्योगों के संचालन की लागत और व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करना है। इस दिशा में, औद्योगिक आवास, परमाणु ऊर्जा, कोल गैसीकरण, कृषि प्रसंस्करण और 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) से संबंधित नीतियों के मसौदे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखे जाने की तैयारी में हैं। इन नीतियों के माध्यम से सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना चाहती है। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए आवास की उपलब्धता को निवेश की एक महत्वपूर्ण शर्त माना जा रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, प्रस्तावित औद्योगिक आवास नीति के तहत, कारखानों के भीतर या आसपास कम लागत वाले मकान और हॉस्टल बनाने वाले डेवलपर्स को सस्ती जमीन और विशेष कर रियायतें प्रदान करने का प्रावधान किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए रहने की सुविधाओं का विकास करना है। इससे उद्योगों को श्रमिकों की उपलब्धता और आवास से जुड़ी समस्याओं से निपटने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस योजना का वास्तविक लाभ जमीन की उपलब्धता, आवास की लागत और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। कोल गैसीकरण नीति के माध्यम से, सरकार कोयले के उपयोग को नए औद्योगिक उत्पादों के निर्माण तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित प्रावधानों में, कोयले से अमोनिया, मेथनॉल और अन्य सिंथेटिक गैसों का उत्पादन करने वाले संयंत्रों को पूंजीगत सब्सिडी और बिजली शुल्क में राहत देने की तैयारी है। यह नीति निवेश के नए अवसर खोल सकती है, हालांकि इसके परिणाम तकनीक की लागत, परियोजनाओं की व्यवहार्यता और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर निर्भर करेंगे।
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एमपी में निवेश के लिए नई रणनीति
21 अक्टूबर 2026 को 10:46 pm बजे

एमपी में निवेश के लिए नई रणनीति
