डीएफओ की सख्त मॉनिटरिंग
मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी के रूप में पहचान बना चुके सिंगरौली जिले ने एक बार फिर राजस्व वसूली में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भोपाल में सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिला खनिज और पंजीयन विभाग के बाद अब सिंगरौली के वन विभाग ने मोहन यादव सरकार के खजाने को भरने का बड़ा काम किया है। सिंगरौली जिले में वर्तमान में प्रमुख परियोजनाएं संचालित हैं जो कोयला खनन के साथ-साथ उसके परिवहन का लगातार कार्य कर रही हैं। इन तमाम औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए वन विभाग को हर साल भारी मात्रा में परिवहन राजस्व प्राप्त होता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शासन द्वारा वन विभाग को करोड़ रुपये का सख्त रेवेन्यू टारगेट दिया गया था। इस तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने शुरूआती दौर से ही अपनी प्रशासनिक कसावट तेज कर दी थी। वन विभाग ने अपने बेहतरीन प्रबंधन और प्रशासनिक कौशल के दम पर करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व वसूली कर दिखाई है।