राजस्थान के जोधपुर शहर की 'ब्लू सिटी' वाली पहचान की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में भी पुराने शहर को एक नया और विशिष्ट स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही पुराने शहर के मकानों और दुकानों के साइनबोर्ड एक ही रंग, आकार और डिजाइन में नजर आएंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन ने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य आने वाले नए मास्टर प्लान में इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से शामिल कर लागू करना है, ताकि भोपाल के पुराने शहर को विश्वस्तरीय 'हेरिटेज सिटी' के तौर पर पहचान दिलाई जा सके। यह पहल भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक पहचान देना है। जोधपुर की तरह, जहाँ नीले रंग के मकानों ने शहर को एक अनूठी पहचान दी है, भोपाल का पुराना शहर भी अपनी वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाएगा। साइनबोर्ड में एकरूपता लाने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि यह पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। इससे पहले भोपाल के प्रसिद्ध नंबर-5 बाजार में भी इसी तरह की एक समान साइनबोर्ड व्यवस्था से सजाने और व्यवस्थित करने की योजना सामने आई थी। वर्तमान में शासन की रीडेंसीफिकेशन पॉलिसी के तहत हाउसिंग बोर्ड इस बाजार का कायाकल्प कर रहा है। यहां आवासीय और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही इस पूरे परिसर को समान रंग व साइनबोर्ड से नया लुक दिया जाएगा। योजना का बजट तो पूरा खर्च हो गया है, लेकिन काम आधे-अधूरे ही रह गए हैं। आज भी चौक बाजार में बिजली के तारों का मकड़जाल जस का तस फैला हुआ है, जो शहर की सुंदरता पर एक दाग की तरह है। इस अव्यवस्था को सुधारने की तत्काल आवश्यकता है ताकि हेरिटेज सिटी की परिकल्पना साकार हो सके। वहीं, मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2047 पर आपत्तियों ने 25 दिनों में 1732 की संख्या पार कर ली है। यह संख्या मार्च 2020 में जारी ड्राफ्ट 2031 पर आई आपत्तियों से कहीं ज्यादा है। अभी भी पांच दिन बाकी हैं और बुधवार से बड़ी संख्या में आपत्तियां आने की उम्मीद है। शहर की 80 कॉलोनियों के निवासियों ने आपत्तियों के लिए एक कॉमन ड्राफ्ट तय किया है, जिसे अलग-अलग नामों से जमा कराया जाएगा। इसे लेकर बीते तीन दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में कई बैठकें हो चुकी हैं। आपत्तियों के इस रिकॉर्ड को समझने के लिए, ड्राफ्ट 2031 को रद्द करने के पीछे 5000 आपत्तियां बताई गई थीं, लेकिन वे सभी एक ही बार में दर्ज नहीं हुई थीं। बल्कि, अब तक जारी सभी ड्राफ्ट को मिलाकर आपत्तियों का आंकड़ा निकाला गया था। जबकि मौजूदा ड्राफ्ट 2047 पर महज 25 दिनों में 1732 आपत्तियां आ चुकी हैं। यह पहली बार होगा जब इतने कम समय में इतनी आपत्तियां दर्ज हुई हैं। आपत्तियों की स्थिति पर नजर डालें तो ड्राफ्ट 2021 में पहली बार में 1600 आपत्तियां आई थीं, जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया था। इसके बाद ड्राफ्ट 2031 में पहली बार में 1731 आपत्तियां आई थीं, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया था। वर्तमान ड्राफ्ट 2047 के लिए पहले 25 दिनों में ही 1732 आपत्तियां आ चुकी हैं, और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पांच दिन और बाकी हैं। पुराने शहर में बदलाव की जरूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि ऐतिहासिक गलियों, पारंपरिक बाजारों और रियासतकालीन इमारतों के बीच फिलहाल अलग-अलग रंगों, आकारों और अटपटे डिजाइनों के साइनबोर्ड लगे हुए हैं। इससे न केवल इलाके की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों का मूल दृश्य स्वरूप भी छिप जाता है। समान रंग और आकार के बोर्ड लगाने से पूरे बाजार और आवासीय क्षेत्र में एक लयबद्धता आएगी। जिस प्रकार जोधपुर को उसके खास नीले रंग के मकानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और पर्यटन का लाभ मिला है, ठीक उसी तरह भोपाल का पुराना शहर भी पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह पहल शहर की पर्यटन क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा के समय में चौक बाजार को हेरिटेज सिटी बनाने का काम शुरू किया गया था। तब पांच करोड़ रुपए की लागत से यहां चौक को 100 साल पुराने बाजार के तौर पर विकसित करने की योजना तय की गई थी। इस योजना के तहत अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक वायरिंग और लाल पत्थर लगाने जैसे काम शामिल थे, लेकिन दुर्भाग्यवश, यह काम भी आधे-अधूरे ही रह गए। बिजली के तारों का मकड़जाल और अधूरे निर्माण कार्य जैसी समस्याएं अभी भी चौक बाजार में मौजूद हैं, जो शहर की सुंदरता और हेरिटेज पहचान को धूमिल करती हैं। इन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए ताकि हेरिटेज सिटी के रूप में भोपाल की पहचान मजबूत हो सके।
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जोधपुर की तर्ज पर भोपाल का पुराना शहर बदलेगा, साइनबोर्ड होंगे एक समान
दैनिक भोपाल टुडे विशेष रिपोर्ट21 अक्टूबर 2026 को 10:46 pm बजे

जोधपुर की तर्ज पर भोपाल का पुराना शहर बदलेगा, साइनबोर्ड होंगे एक समान
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