मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनने वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के प्लान में बड़ा बदलाव किया गया है। अब मप्र हाउसिंग बोर्ड इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी एक्ट में स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बनाएगा, जो पहली बार किसी सरकारी प्रोजेक्ट के लिए बनेगा। यह एसपीवी ही प्रोजेक्ट का निर्माण, संचालन और फंड जुटाने का काम करेगी। 1600 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। खास बात यह है कि सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को पहले चरण में नहीं तोड़ा जाएगा। इनके बजाय पहले दो सी-टाइप टावर बनाए जाएंगे, जिनमें इन भवनों के सभी दफ्तर शिफ्ट किए जाएंगे। इन टावरों के ऊपर स्काई वॉक नहीं बनेगा, बल्कि सब-वे के जरिए दोनों टावर आपस में जुड़ेंगे। यह मंत्रालय से भी सब-वे से जुड़े रहेंगे। नगरीय विकास विभाग और मप्र हाउसिंग बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से डीपीआर बनाई है, जिसे जल्द साधिकार समिति में रखा जाएगा। मंजूरी के बाद एसपीवी का गठन कर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। पहले की योजना के अनुसार सरकारी खर्च से दो चरण में 13 टावर बनाने थे, जिसे परगोले से जोड़ना था।
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भोपाल सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव, एसपीवी बनाएगी सरकार
20 अक्टूबर 2026 को 10:29 pm बजे

भोपाल सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव, एसपीवी बनाएगी सरकार
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