श्रम विभाग ने श्रमायुक्त को लिखा पत्र, स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में काम करने वाले आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों को बोनस का लाभ दिलाया जाए। नियमों का पालन न करने वाली लगभग 5 हजार प्लेसमेंट और ठेका एजेंसियों पर शिकंजा कसा जाएगा
भोपाल, मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों, निगम-मंडलों, बोर्डों और स्थानीय निकायों में काम करने वाले करीब 8 लाख आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इन कर्मचारियों को अब अनिवार्य रूप से नियमित बोनस का भुगतान करना होगा। नियमों का पालन न करने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रम विभाग की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) पी. जैसमीन अली सितारा ने इस संबंध में श्रमायुक्त को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में साफ निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी संस्थानों में कार्यरत आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों को बोनस का लाभ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, इस पर की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट विभाग को जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए। हालांकि, बोनस भुगतान का नियम मध्य प्रदेश में पहले से मौजूद था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं किया जा रहा था। इस आदेश के दायरे में अब मध्य प्रदेश में सक्रिय रूप से काम करने वाली लगभग 5 हजार प्लेसमेंट और ठेका एजेंसियां आ जाएंगी। इन एजेंसियों को अब नियमों का पालन करना ही होगा। जानकारी के अनुसार, बोनस भुगतान का नियम पहले से ही था, परंतु इसका क्रियान्वयन नहीं हो रहा था। इसे लागू करवाने के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किए थे। कई शहरों में पहले भी बोनस और पूरा वेतन न मिलने को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। इसका एक उदाहरण नरसिंहपुर में देखने को मिला था, जहाँ बोनस की मांग करने वाले कुछ कर्मचारियों को मनमानीपूर्ण तरीके से सीधे काम से हटा दिया गया था।

