दुर्गा उत्सव के बीच सागर के कजलीवन मैदान में दुर्गा सप्तमी के अवसर पर 41 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। यह कार्यक्रम शनिवार को आयोजित हुआ और इसका यह 76वां वर्ष था। इस आयोजन की खासियत यह रही कि भगवान श्रीराम का किरदार निभाने के लिए 90 युवाओं के चाल-चलन और चरित्र का बारीकी से अध्ययन किया गया। लगभग 20 दिन चली चयन प्रक्रिया के बाद 7 वर्षीय विराज श्रीवास को राम की भूमिका के लिए चुना गया। लक्ष्मण की भूमिका के लिए 5 वर्षीय प्रेम श्रीवास और हनुमान के लिए 12 वर्षीय आर्यन जाटव का चयन किया गया था। राम स्वरूप में पहुंचे विराज ने रावण के पुतले पर बाण चलाकर दहन की शुरुआत की। सदर में हिंदू महासेना संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में, 14 मुहाल मंदिर से राम दल निकला जो कजलीवन मैदान पहुंचा। वहां भगवान की आरती के बाद 41 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। जैसे ही विराज ने रावण की नाभी पर बाण मारा, पुतला धूं-धूंकर जल उठा। कुछ ही क्षणों में बुराई का प्रतीक माने जाने वाला रावण का पुतला पूरी तरह से जलकर राख हो गया। इस अवसर पर सतरंगी आतिशबाजी का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही, बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया और माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। इस भव्य रावण दहन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी कजलीवन मैदान में पहुंचे। लोगों ने इस आयोजन को बड़े उत्साह के साथ देखा और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया। पुतले के जलने के साथ ही हवा में खुशी और उल्लास का माहौल छा गया, जिसे आतिशबाजी और लोकगीतों ने और भी बढ़ा दिया। यह आयोजन केवल रावण दहन तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दिया। विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया, जिससे यह कार्यक्रम और भी यादगार बन गया। राम दल का मंदिर से मैदान तक का सफर भी काफी आकर्षक रहा, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। 90 युवाओं के बीच से श्रीराम के किरदार के लिए सबसे उपयुक्त का चयन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन 20 दिनों की कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 7 वर्षीय विराज श्रीवास को चुना गया। यह चयन प्रक्रिया युवाओं के चरित्र और अभिनय क्षमता को परखने के लिए की गई थी। विराज श्रीवास, जो राम के रूप में थे, ने मंच पर अपनी भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाया। उन्होंने रावण के पुतले पर बाण चलाकर बुराई के अंत का प्रतीकात्मक संदेश दिया। उनके साथ लक्ष्मण बने प्रेम श्रीवास और हनुमान बने आर्यन जाटव ने भी अपनी भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया। इन युवा कलाकारों का उत्साह देखने लायक था। कजलीवन मैदान में आयोजित यह रावण दहन कार्यक्रम सागर शहर की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
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सागर में 76वां रावण दहन: 41 फीट ऊंचा पुतला जला, विराज ने चलाया बाण
18 अक्टूबर 2026 को 11:52 pm बजे

सागर में 76वां रावण दहन: 41 फीट ऊंचा पुतला जला, विराज ने चलाया बाण
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