200 से ज्यादा प्रतिमाएं विसर्जित हुईं
दमोह के फुटेरा तालाब पर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार सुबह 7 बजे तक चला। इस दौरान 200 से अधिक प्रतिमाएं तालाबों में विसर्जित की गईं, जिनमें सबसे आखिर में ओवरब्रिज के पास की मां दुर्गा की प्रतिमा शामिल थी। विसर्जन की प्रक्रिया मंगलवार दोपहर से शुरू हुई थी। अधिकांश प्रतिमाएं चल समारोह के रूप में घंटाघर तक पहुंचीं, जहां अखाड़े के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम को नगर पालिका परिसर की देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंची, तभी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सतीश तिवारी और नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह के बीच बहस शुरू हो गई। इस विवाद के कारण विसर्जन प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे तक बाधित रही। सतीश तिवारी ने आरोप लगाया कि सीएमओ ने बैरिकेड हटाने के दौरान अभद्रता की। वहीं, सीएमओ राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि बैरिकेड कलेक्टर के निर्देश पर लगाए गए थे। इस मामले को शांत कराने के लिए सीएसपी एचआर पांडे ने हस्तक्षेप किया। उनकी समझाइश के बाद क्रेन की मदद से देवी प्रतिमा का विसर्जन किया गया, जिससे स्थिति सामान्य हो गई। विसर्जन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुबह 7 बजे तक फुटेरा तालाब पर एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया, सीएसपी एचआर पांडे, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, कोतवाली टीआई मनीष कुमार और एसडीआरएफ टीम प्रभारी प्राची दुबे सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे। इन सभी ने मिलकर प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की। पूरी रात फुटेरा तालाब पर प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा और सुबह 7 बजे अंतिम प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही दशहरा चल समारोह का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरी रात जागकर इस आयोजन को सफल बनाया। इसी बीच, मंगलवार रात न्यू दमोह बायपास के समीप एक दुखद घटना हुई। देवी विसर्जन के लिए जा रहे तीन लोगों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान लक्ष्मी रोहित, डालचंद पटेल और दीपा गुप्ता के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
