25 लाख से 50 लाख तक के वाहनों पर पड़ सकता है हजारों का अतिरिक्त भार
उज्जैन में वाणिज्यिक सीएनजी वाहनों की खरीद पर अचानक टैक्स का बोझ बढ़ गया है। वाहनों के पंजीकरण पर लगने वाली टैक्स की दर 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दी गई है। बिना किसी पूर्व सूचना के हाल ही में पोर्टल पर नई दर पर पंजीकरण शुरू हो चुका है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी से उन ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्होंने पुरानी दर के हिसाब से वाहन की पूरी कीमत चुका दी थी। अब डीलर उनसे बढ़े हुए टैक्स की अंतर राशि मांग रहे हैं, जिससे उनका बजट बिगड़ गया है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने पुरानी दर के आधार पर अपने वाहनों के लिए बजट तय किया था और भुगतान भी उसी के अनुसार किया था। ऐसे में पंजीकरण के समय अतिरिक्त राशि मांगने से उनका पूरा हिसाब-किताब गड़बड़ा गया है। दूसरी ओर, डीलरों को नई दर के अनुसार ही पंजीकरण कराना पड़ रहा है, जिससे वे भी असमंजस की स्थिति में हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुरानी दर पर पूरी कीमत चुका चुके ग्राहकों को इस बढ़ोतरी से राहत मिलेगी या उन्हें भी टैक्स का अंतर देना होगा। पिछले कुछ समय से वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए बड़ी मालवाहक गाड़ियां और यात्री बसें भी सीएनजी में आने लगी हैं। इनकी कीमत 25 लाख से 50 लाख रुपये तक है। ऐसे में, टैक्स की दर में एक प्रतिशत की मामूली वृद्धि भी वाहन मालिकों पर हजारों रुपये का अतिरिक्त भार डाल सकती है। यह बढ़ोतरी खास तौर पर उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जिन्होंने हाल ही में ऐसे वाहन खरीदे हैं या खरीदने की योजना बना रहे थे। यदि कोई ग्राहक 8 लाख रुपये की वाणिज्यिक सीएनजी टैक्सी खरीदता है, तो टैक्स की दर 7 से बढ़कर 8 प्रतिशत होने पर उसे 8 हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। इसी तरह, 25 लाख रुपये के वाहन पर 25 हजार रुपये और 50 लाख रुपये के वाहन पर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।

