मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन बैठकें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर एवं तकनीकी केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले गए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) के 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं, और सरकार इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समिट के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कोविड काल में सेमीकंडक्टर चिप की कमी से वैश्विक स्तर पर विकास गतिविधियों के प्रभावित होने का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र की आर्थिक और सामरिक महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी, सरल और स्पष्ट नीतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों का स्वागत करने वाला राज्य है और निवेश अनुकूल नीतियों व त्वरित निर्णय प्रक्रिया से उद्योग जगत का विश्वास बढ़ा है। राज्य सरकार की कार्यप्रणाली में फाइलों के स्थान पर फैसलों, संभावनाओं के स्थान पर परियोजनाओं और समस्याओं के स्थान पर समाधानों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि के साथ उद्योग, तकनीक और विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट से बढ़कर 32 हजार मेगावाट हो गई है, और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि समिट में चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों एवं उद्यमियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एम।
