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मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में उपभोक्ताओं को आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल बिजली सेवाएं देने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार जारी रखा है। इस पहल के तहत, भोपाल शहर वृत्त में अब तक 5 लाख 3 हजार 604 स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली की खपत की विस्तृत जानकारी, पारदर्शी बिलिंग प्रक्रिया और ऑनलाइन निगरानी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी ऊर्जा उपयोग पर बेहतर नियंत्रण मिल सके। कंपनी के कार्यक्षेत्र में फैले भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभागों के कुल 16 जिलों में अब तक 13 लाख 20 हजार 325 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह संख्या मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है, जहाँ आधुनिक तकनीक का उपयोग करके वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। कंपनी अपने सभी संबंधित वृत्तों में मीटर स्थापना के कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इन उन्नत सुविधाओं का लाभ मिल सके। वृत्तवार मीटर स्थापना के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, भोपाल शहर वृत्त में 5,03,604 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसके साथ ही, सीहोर वृत्त में 96,126, ग्वालियर शहर वृत्त में 98,400, विदिशा वृत्त में 92,450, और नर्मदापुरम वृत्त में 89,717 मीटर स्थापित हुए हैं। रायसेन वृत्त में 56,756, बैतूल वृत्त में 58,217, और भोपाल (संचारण-संधारण) वृत्त में 53,005 मीटर लगाए गए हैं। आगे की रिपोर्टों से पता चलता है कि शिवपुरी वृत्त में 37,739, गुना वृत्त में 36,525, राजगढ़ वृत्त में 34,169, और भिंड वृत्त में 34,398 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। हरदा वृत्त में 30,981, ग्वालियर (संचारण-संधारण) वृत्त में 28,955, और मुरैना वृत्त में 26,874 मीटर लगाए गए हैं। दतिया वृत्त में 19,704 मीटर स्थापित हुए हैं, जबकि अशोकनगर वृत्त में 12,559 मीटर लगाए गए हैं।
यह डेटा न केवल उपभोक्ताओं को अपनी खपत को नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि बिलिंग प्रक्रिया को भी अधिक सटीक और पारदर्शी बनाता है। पहले जहां बिलिंग अनुमानों पर आधारित होती थी, वहीं अब वास्तविक खपत के आधार पर बिल तैयार किए जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं और कंपनी दोनों के लिए विश्वास का माहौल बनता है। ऑनलाइन निगरानी की सुविधा उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से किसी भी समय अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है। यह उन्हें यह समझने में मदद करता है कि किन उपकरणों का अधिक उपयोग हो रहा है और कैसे वे अपनी ऊर्जा लागत को कम कर सकते हैं। यह पारदर्शिता बिजली चोरी और मीटरों के साथ छेड़छाड़ जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का यह प्रयास मध्य प्रदेश को डिजिटल ऊर्जा सेवाओं में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्मार्ट मीटरों का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करता है कि राज्य भर के उपभोक्ता आधुनिक, कुशल और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का अनुभव करें। कंपनी इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल मीटर बदलना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और ऊर्जा प्रबंधन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से, उपभोक्ता अब बिजली से संबंधित विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकते हैं, जिसमें शिकायत निवारण और नई कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी शामिल है। कंपनी भविष्य में ऐसी और भी कई पहलों को शुरू करने की योजना बना रही है।
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