रेहटी पुलिस ने बुलेट के अवैध साइलेंसर से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले युवक पर 5 हजार का जुर्माना लगाया और साइलेंसर जब्त किया
सीहोर जिले के रेहटी थाना क्षेत्र में बुलेट मोटरसाइकिल के मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखे जैसी आवाजें निकालकर आम जनता की शांति भंग करने वाले एक युवक पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर न केवल उस पर भारी जुर्माना लगाया, बल्कि उसकी बाइक का साइलेंसर भी जब्त कर लिया। यह कार्रवाई 21 अक्टूबर को पुलिस गश्त के दौरान की गई, जब पुलिस को सूचना मिली कि कस्बे की सड़कों पर एक बुलेट मोटरसाइकिल का चालक जानबूझकर तेज आवाजें निकालकर आतंक मचा रहा है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन और चालक की पहचान की। पूछताछ में आरोपी की पहचान कमल पिता प्रह्लाद सिंह निवासी रेहटी के रूप में हुई। मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 5 हजार रुपये का चालान काटा और मौके पर ही बुलेट का अवैध साइलेंसर जब्त कर लिया। यह कार्रवाई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही 'पटाखा बुलेट' के खिलाफ एक बड़ा कदम है। रेहटी नगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से बुलेट मोटरसाइकिलों में अवैध और मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर तेज धमाके करने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह चलन आमजनों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जब चलती बाइक से अचानक जोरदार पटाखे जैसी आवाज निकलती है, तो सड़क पर चल रहे बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दोपहिया वाहन चालक घबरा जाते हैं। इस घबराहट से संतुलन बिगडऩे पर गंभीर सड़क हादसे हो सकते हैं। इस तरह के अचानक होने वाले तेज धमाके दिल के मरीजों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होते हैं। यह समस्या न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाती है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है। बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से इन आवाजों से भयभीत हो जाते हैं, जिससे उनकी मानसिक शांति भंग होती है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए राहत की सांस ली है। लंबे समय से इस समस्या से परेशान लोग पुलिस के हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे थे। बुलेट बाइक से निकलने वाली तेज आवाजें न केवल लोगों को चौंका देती हैं, बल्कि कई बार तो यह इतनी तेज होती हैं कि कानों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर रात के समय जब सड़कें शांत होती हैं, तब यह आवाजें और भी अधिक परेशान करती हैं। कई बार तो यह आवाजें किसी पटाखा फोड़ने से भी ज्यादा तेज होती हैं, जिससे लोग सहम जाते हैं। इस प्रकार के मॉडिफिकेशन से वाहन की मूल ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण मानकों का भी उल्लंघन होता है। वहीं, रेहटी पुलिस ने इस मामले में सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जो भी चालक अपनी गाड़ियों में इस तरह के अवैध बदलाव करवाकर आम जनता की शांति और सुरक्षा में खलल डालेंगे, उनके खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की सख्त और दंडात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस का यह कदम ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बुलेट बाइक तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी ऐसे वाहन पर की जाएगी जिसमें अवैध रूप से मॉडिफिकेशन कर ध्वनि प्रदूषण फैलाया जा रहा हो। पुलिस द्वारा जब्त किए गए साइलेंसर को वाहन से अलग कर दिया गया है। यह जब्त किया गया साइलेंसर अब आरोपी को वापस नहीं मिलेगा और इसे नियमानुसार नष्ट किया जाएगा। यह कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन और ध्वनि प्रदूषण फैलाने के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश देती है। पुलिस का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल शोर मचाते हैं, बल्कि वाहन के इंजन पर भी अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे उसकी आयु कम हो सकती है और माइलेज भी प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, ऐसे साइलेंसर पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होते हैं। आरोपी कमल सिंह से पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल में यह मॉडिफाइड साइलेंसर एक स्थानीय मैकेनिक से लगवाया था। उसने यह भी बताया कि वह इस साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज को एक 'स्टाइल स्टेटमेंट' मानता था और इससे मिलने वाली 'अटेंशन' का आनंद लेता था। हालांकि, जब पुलिस ने उसे इस कृत्य के सामाजिक और कानूनी परिणामों से अवगत कराया, तो वह अपनी गलती का एहसास करने लगा। पुलिस ने उसे समझाया कि उसकी 'स्टाइल' दूसरों के लिए कितनी बड़ी परेशानी और खतरा बन सकती है।

