विद्यार्थियों को मछलियों की प्रजातियों के पालन और ब्रीडिंग की प्रक्रिया समझाई गई
इस शैक्षणिक भ्रमण में एमएससी और बीएससी के 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें मत्स्य पालन की बारीकियों से अवगत कराया गया
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस चंद्रशेखर आजाद पीजी महाविद्यालय सीहोर के प्राणीशास्त्र एवं एक्वाकल्चर विभाग के विद्यार्थियों ने मत्स्य पालन केंद्र जमुनिया का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण संपन्न किया। इस शैक्षिक यात्रा में एमएससी और बीएससी कक्षाओं के कुल 40 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अकादमिक ज्ञान को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों से जोड़ने का एक अनूठा मंच साबित हुआ। भ्रमण के दौरान, मत्स्य विभाग के उप निदेशक प्रशांत हर्ष ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने मछलियों की विभिन्न प्रजातियों के वैज्ञानिक पालन की विधियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही, उन्होंने मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे युवा पीढ़ी रोजगार प्राप्त कर सकती है और अच्छी आय अर्जित कर सकती है। हर्ष ने इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को मत्स्य पालन केंद्र की विभिन्न इकाइयों का गहन अवलोकन कराया गया। उन्हें नर्सरी में मछलियों के प्रजनन (ब्रीडिंग) की प्रक्रिया समझाई गई, जहाँ छोटी मछलियों को पाला जाता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्टॉकिंग पॉन्ड और चाइनीज हैचरी के संचालन और महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। इन इकाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने विद्यार्थियों को मत्स्य पालन उद्योग की जमीनी हकीकत से भी परिचित कराया। उन्होंने सीखा कि कैसे वैज्ञानिक तरीके से मछलियों का पालन करके न केवल व्यक्तिगत आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान दिया जा सकता है। यह ज्ञान उनके भविष्य के करियर के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा में महाविद्यालय के प्राध्यापकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्राणीशास्त्र विभाग के सहायक अध्यापक कमलेश अहिरवार, नितिन बातव, प्रो. श्याम कुमार, प्रो. विभु सोनिया, और प्रो. सीनिक सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके अनुभव और ज्ञान ने विद्यार्थियों के भ्रमण को और अधिक सार्थक बनाया। प्रयोगशाला तकनीशियन वैभव बड़ोनिया भी इस भ्रमण दल का अभिन्न अंग थे। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी, जो मत्स्य पालन अनुसंधान और विकास में सहायक हैं। उनकी उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि विद्यार्थी तकनीकी पहलुओं को भी गहराई से समझ सकें। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस चंद्रशेखर आजाद पीजी महाविद्यालय सीहोर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह भ्रमण इसी प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण है, जो विद्यार्थियों को केवल कक्षाओं तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और अवसरों से अवगत कराता है। मत्स्य पालन, एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। यह अनुभव उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

