रतलाम जिले के जावरा में मावे की बर्फी खाने से 3 साल के बच्चे की मौत के मामले में गुरुवार को पुलिस ने मिठाई दुकान संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि मिठाई हानिकारक होने के बावजूद बेची गई थी। यह घटना जावरा के बिनौली गांव में हुई, जहां जितेंद्र गोस्वामी ने 7 अक्टूबर की दोपहर जावरा के कमानी गेट के पास स्थित देवश्री मिठाई की दुकान से मावे की बर्फी खरीदी थी। उसी रात जितेंद्र, उनकी पत्नी और बेटे आर्यन ने बर्फी खाई। इसके तुरंत बाद तीनों को उल्टी होने लगीं और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन बच्चे और मां को इलाज के लिए पहले पास के के पास ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर शुक्रवार सुबह वे जावरा पहुंचे। वहां दो निजी अस्पतालों में इलाज की कोशिश के बाद, शनिवार सुबह परिवार मंदसौर के एक निजी अस्पताल पहुंचा। यहां मां और बेटे आर्यन को भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार दोपहर आर्यन की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि घर में तबीयत खराब होने पर बची हुई मिठाई लेकर वे अगले दिन शुक्रवार को दुकानदार के पास गए थे। दुकानदार ने मिठाई लेकर उसे कचरे में फेंक दिया और बच्चे के इलाज के लिए 1500 रुपए देकर उन्हें वहां से भगा दिया। मासूम की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण और परिजन मिठाई दुकान पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने दुकानदार की दुकान के काउंटर के कांच भी तोड़ दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी बीच, खाद्य विभाग की टीम ने भी दुकान पहुंचकर मिठाई और नमकीन के सैंपल लिए। इन सैंपलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मृतक बच्चे का विसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। रिंगनोद थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि जांच के दौरान कई अहम बातें सामने आईं। पुलिस ने इस बात की जांच की कि जब पीड़ित परिवार ने बची हुई मिठाई दुकानदार को दी, तो उसने उसे कचरे में क्यों फेंका। साथ ही, यह भी पता लगाया गया कि दुकानदार ने बच्चे के इलाज के लिए 1500 रुपए क्यों दिए। डॉक्टरी जांच में भी फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई थी। इन सभी बिंदुओं और परिजनों के बयानों के आधार पर, देव नमकीन, जावरा के संचालक सत्यनारायण पिता चांदमल अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मावे की बर्फी खाने के बाद दंपति और उनके 3 साल के बेटे आर्यन की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इलाज के दौरान शनिवार दोपहर बच्चे की मौत हो गई। मां अभी भी अस्पताल में भर्ती है, जबकि पिता जितेंद्र गोस्वामी की हालत में सुधार बताया जा रहा है। यह पूरी घटना जावरा के बिनौली गांव की है, जहां 7 अक्टूबर को यह बर्फी खरीदी गई थी। दुकान संचालक पर अब लापरवाही का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मिठाई की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी। खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही मिठाई में मिलावट की पुष्टि हो पाएगी। हालांकि, पुलिस ने परिजनों के बयानों और डॉक्टरी जांच के आधार पर तत्काल कार्रवाई की है। दुकान संचालक सत्यनारायण अग्रवाल पर यह आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर या लापरवाही से ऐसी मिठाई बेची, जिससे बच्चे की जान चली गई। इस घटना ने इलाके में मिठाई की दुकानों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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जावरा में मावे की बर्फी से 3 साल के बच्चे की मौत, दुकान संचालक पर केस दर्ज
15 अक्टूबर 2026 को 11:22 pm बजे

जावरा में मावे की बर्फी से 3 साल के बच्चे की मौत, दुकान संचालक पर केस दर्ज
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