बांदकपुर पेट्रोल पंप बंद, 25 गांवों के किसान परेशान, 5 किमी दूर जाना पड़ रहा
दमोह जिले के बांदकपुर में एक पेट्रोल पंप बंद होने से आसपास के 25 गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीजल-पेट्रोल के लिए उन्हें करीब 5 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है, जिससे बुवाई के काम में देरी हो रही है और खर्च भी बढ़ रहा है। इस समस्या को लेकर शुक्रवार को किसानों का एक समूह कलेक्ट्रेट पहुंचा और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की है कि या तो बंद पड़े पंप को दोबारा चालू किया जाए, या फिर नया पंप खुलवाया जाए, अथवा मोबाइल टैंकरों के माध्यम से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बांदकपुर पेट्रोल पंप को बंद करने का मुख्य कारण लीज का खत्म होना बताया जा रहा है। किसान हाकम सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोल पंप की लीज 30 सितंबर को समाप्त हो गई थी। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट ने लीज को आगे नहीं बढ़ाया, जिसके चलते स्थानीय कलेक्टर ने पंप को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। इस पंप पर पहले आसपास के लगभग 30 से लेकर 40 गांवों के किसान अपने वाहनों के लिए डीजल और पेट्रोल लेने आते थे, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं। पेट्रोल पंप के बंद होने का सीधा असर किसानों की बुवाई की प्रक्रिया पर पड़ रहा है। पहले जहां किसान आसानी से अपने वाहनों में डीजल भरवा लेते थे, वहीं अब उन्हें लगभग 4 से 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इस रास्ते में एक रेलवे फाटक भी पड़ता है, जो अक्सर एक घंटे तक यातायात के लिए बंद रहता है। इस फाटक पर रुकने की मजबूरी के कारण किसानों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, जिससे खरीफ की फसल की बुवाई में देरी हो रही है।
