किसानों को मिली राहत: रबी वर्ष 2025-26 के लिए 317.86 करोड़ की फसल बीमा राशि अंतरित
धार जिले को 2387.60 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना मिली, जिससे 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले को 2387.60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की सौगात दी है। इस परियोजना से 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 188 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने किसानों के खातों में रबी वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 317.86 करोड़ रुपये की राशि भी अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में सिंचाई का क्षेत्र निरंतर बढ़ रहा है। प्रदेश में सरदार सरोवर बांध के बाद विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से धार-झाबुआ क्षेत्र को पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गई। पिछले ढाई साल में सरकार ने सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर कर दिया है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे खेतों को पानी मिलने से किसानों की फसलें सोने सी चमकने लगती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों को दीवाली के त्यौहार से पहले 317.86 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है, और अब धार को भी रेलवे लाइन की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में अपने जन्मदिन पर बड़ी की सौगात दी, जिससे निमाड़-मालवा क्षेत्र के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। इस बड़ी के तहत एक ही स्थान पर कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। यहां के धागे से निर्मित वस्त्रों का निर्यात भी होगा। पीएम मित्र पार्क से प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे धार-झाबुआ के युवा, किसान और महिलाएं पलायन को विवश नहीं होंगे। नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
