फ्रांस से समुद्री मार्ग से मुंबई पोर्ट पहुंचेंगे पुर्जे
मध्य प्रदेश सरकार को नवंबर के आखिर तक फ्रांस से खरीदा गया नया हाईटेक हेलीकॉप्टर मिलने की संभावना है। एयरबस कंपनी से खरीदे जा रहे इस एसीएच 160 हेलीकॉप्टर को लेकर विमानन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, हालांकि डिलीवरी की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। विमानन विभाग के सूत्रों के अनुसार, हेलीकॉप्टर फ्रांस से सीधे भारत नहीं आएगा, क्योंकि यह दूरी अधिक है। इसलिए, कंपनी इसे समुद्री मार्ग से अलग-अलग पुर्जों के रूप में मुंबई पोर्ट तक पहुंचाएगी। वहां से इन पुर्जों को भारत में एयरबस की किसी फाइनल असेंबली लाइन में भेजा जाएगा, जिसमें वडोदरा, बेंगलुरू या नोएडा में से किसी एक को चुना जा सकता है। इन जगहों पर हेलीकॉप्टर को असेंबल किया जाएगा, जिसके बाद इसे उड़ाकर भोपाल लाया जाएगा। डिलीवरी से पहले, एयरबस कंपनी हेलीकॉप्टर का फ्लाइट टेस्ट करेगी ताकि सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रदर्शन की पूरी जांच की जा सके। नए हेलीकॉप्टर के लिए राज्य सरकार के दो पायलटों ने पहले ही फ्रांस में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। आदर्श राय और संजय श्रीवास्तव को एसीएच 160 उड़ाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। ये दोनों पायलट सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर की डिलीवरी स्वीकार करने की प्रक्रिया में भी शामिल होंगे। यह नया हेलीकॉप्टर 9 सीटर होगा, जिसमें दो क्रू मेंबर के अलावा 9 यात्री बैठ सकेंगे। इसकी टेकऑफ भार क्षमता 6050 किलो और स्लिंग लोड 1600 किलो होगी। इसकी तुलना में, 2011 में खरीदे गए ईसी155 बी1 हेलीकॉप्टर में 6 यात्री और 2 क्रू मेंबर बैठते थे, और इसकी टेकऑफ भार क्षमता 4920 किलो थी। नए हेलीकॉप्टर की मूल कीमत करीब 125 करोड़ रुपए है। हालांकि, इस पर करीब 35 प्रतिशत टैक्स, जिसमें आईजीएसटी, आयात शुल्क और डीजीसीए शुल्क शामिल हैं, चुकाना पड़ेगा। यह टैक्स लगभग 78.75 करोड़ रुपए बैठता है। इसके अतिरिक्त, करीब 20 करोड़ रुपए इसके कस्टमाइजेशन और इंटीरियर पर खर्च होने का अनुमान है। इस प्रकार, नए हाईटेक हेलीकॉप्टर की कुल लागत 225 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है।
