मध्य प्रदेश में ऊर्जा संकट की स्थिति फिलहाल सुधरती दिख रही है। राज्य में बिजली की अधिक मांग के बावजूद आपूर्ति पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 17 अक्टूबर को प्रदेश में 16975 मेगावाट बिजली की मांग पूरी की गई। यह बीते साल इसी सीजन की 12685 मेगावाट मांग से 32% अधिक है। पिछले साल के मुकाबले इस बार 32% अधिक बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड बना है, जबकि सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में गंभीर ऊर्जा संकट गहराया था, जब मांग 17 हजार मेगावाट पार कर गई थी और आपूर्ति 11-12 हजार मेगावाट पर अटक गई थी। हालांकि, संकट पूरी तरह टला नहीं है। बारिश कम होने से हाइडल प्लांटों को लगातार चालू रखना संभव नहीं है। कोयले की आपूर्ति कभी भी बाधित हो सकती है। सौर ऊर्जा को स्टोर करने की तकनीक में मध्य प्रदेश अभी तैयार नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, यह संभव हो सका क्योंकि खंडवा थर्मल पावर प्लांट में 1200 मेगावाट क्षमता की दो बंद यूनिटें चालू करा दी गईं।
समाचार
एमपी में बिजली संकट सुधरा: 17 अक्टूबर को 16975 मेगावाट मांग पूरी, पर चुनौतियां बाकी
20 अक्टूबर 2026 को 10:29 pm बजे

एमपी में बिजली संकट सुधरा: 17 अक्टूबर को 16975 मेगावाट मांग पूरी, पर चुनौतियां बाकी
साझा करेंWhatsApp
