कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और शहीद परिवारों ने भी अपनी समस्याएं रखीं
दमोह जिले में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को पुलिस लाइन में एक मार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 154 वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए सभी उपस्थित लोगों की आँखें नम हो गईं। यह दिवस देश भर के उन सभी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को समर्पित है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने जीवन का बलिदान दिया है। दमोह पुलिस लाइन में शहीद स्मारक के समक्ष आयोजित इस श्रद्धांजलि परेड में जवानों ने सलामी दी और शहीदों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। इस गरिमामय कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर शहीदों को नमन किया। मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों का बलिदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने प्रत्येक शहीद के परिवार को आश्वासन दिया कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और उनका परिवार हमेशा राष्ट्र के लिए सम्मानित रहेगा। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने 154 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि 21 अक्टूबर को शहीद स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह दिन हमें उन वीर आत्माओं की याद दिलाता है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने और राष्ट्र सेवा के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि दमोह जिले में भी 154 वीर जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिन्हें आज हम याद कर रहे हैं। कार्यक्रम में न केवल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, बल्कि सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों, शहीद परिवारों और वर्तमान पुलिस कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की। इस अवसर पर, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों, शहीद परिवारों और पुलिस कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा।
