सेना ने कहा, भर्ती केवल योग्यता पर आधारित, दलाली का कोई स्थान नहीं
सेना में अफसर बनने का सपना संजोए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अग्निवीर भर्ती रैली में अपनी दौड़ लगाई। सेना भर्ती कार्यालय ग्वालियर के तत्वावधान में सागर के इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित वार्षिक अग्निवीर भर्ती रैली के अंतिम दिन महिला मिलिट्री पुलिस भर्ती (WMP) के लिए शारीरिक परीक्षा और प्रतिस्पर्धा हुई। इस रैली में कुल 204 महिला अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 128 बेटियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर अगले चरण के लिए अपनी जगह बनाई। यह भर्ती रैली 1 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित की गई थी, जिसका समापन बुधवार को हुआ। सागर जिला प्रशासन और सेना भर्ती कार्यालय ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में 14 अक्टूबर से शुरू हुई यह अग्निवीर भर्ती रैली पारदर्शी, सुचारू और सुरक्षित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। रैली के दौरान महिला अभ्यर्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसमें लंबी कूद के दौरान उनका हुनर साफ दिखाई दिया। सेना में भर्ती होने की इच्छुक बेटियों ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया और अपनी काबिलियत साबित की। सेना में भर्ती के लिए आयोजित इस रैली में महिला मिलिट्री पुलिस (WMP) के पदों के लिए विशेष रूप से दौड़ आयोजित की गई थी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों से आई कुल 204 महिला उम्मीदवारों ने इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया। शारीरिक परीक्षा और प्रतिस्पर्धाओं में कड़ी मशक्कत के बाद, 128 महिला अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक प्रदर्शन करते हुए अगले चरण के लिए क्वालीफाई किया। यह संख्या उन बेटियों के लिए एक बड़ी सफलता है जिन्होंने सेना में सेवा करने का संकल्प लिया है। यह भर्ती रैली 1 अक्टूबर से शुरू हुई थी और 14 अक्टूबर को संपन्न हुई। इस दौरान, विभिन्न शारीरिक और मानसिक परीक्षणों के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन किया गया। सेना भर्ती कार्यालय ने इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सेना में चयन पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होता है और इसमें किसी भी प्रकार की दलाली या अनुचित साधनों का कोई स्थान नहीं है। सेना भर्ती कार्यालय ने उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे चयन प्रक्रिया को लेकर किसी भी अफवाह या धोखेबाज के झांसे में न आएं। सेना में भर्ती पूरी तरह से मेरिट पर आधारित है और किसी भी व्यक्ति या बाहरी तत्व का इसमें कोई प्रभाव नहीं होता। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई है ताकि योग्य उम्मीदवार ही सेना में अपनी सेवाएं दे सकें। महिला अभ्यर्थियों ने रैली में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। लंबी कूद जैसे कठिन मुकाबलों में भी उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जो उनके दृढ़ संकल्प और फ़ित्नेस्स को दर्शाता है।
