मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। जिला मुख्यालय से मात्र 18 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास एक अनियंत्रित ट्रक घाटी से उतरते समय बेकाबू हो गया। इस भयानक दुर्घटना में लगभग 50 लोग ट्रक की चपेट में आ गए, जिनमें से 12 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। दो पुलिसकर्मियों और कुछ बच्चों सहित 29 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। “जब मैंने चारों ओर देखा, तो वहां भारी अफरा- तफरी और कोहराम मचा हुआ था। लोग चीख- पुकार कर रहे थे और घबराहट में अपने परिजनों को ढूंढ रहे थे। लोगों को ट्रक के नीचे फंसा हुआ देखना बेहद दुखद था,” एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया। उन्होंने आगे कहा, “जहां तक लापरवाही की बात है, तो यह ग्वालियर प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा है। यह एक बहुत बड़ी चूक है, जिसकी वजह से शीतला माता मंदिर में यह हादसा हुआ। ” जानकारी के अनुसार, धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे उतरते समय अनियंत्रित हो गया। यह ट्रक सीधे ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास बनी दुकानों से जा टकराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बेकाबू हुआ यह ट्रक चीनोर की ओर से आ रहा था और शीतला माता मंदिर के मुख्य बाहरी गेट के पास घाटी से नीचे उतरने लगा। इसी दौरान, वह गेट के आसपास बनी दुकानों में घुस गया। ट्रक के अनियंत्रित होने और दुकानों से टकराने के कारण कई दुकानें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके साथ ही, कई दोपहिया वाहन भी इस हादसे में चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस भयावह दृश्य ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई। इसके अतिरिक्त, दो पुलिसकर्मियों सहित लगभग 27 लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा सकता है। मृतकों के शव को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में रखा गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी। स्थानीय निवासी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों को ट्रक के नीचे फंसा हुआ देखना अत्यंत दुखद था। उन्होंने इस घटना को ग्वालियर प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ी चूक थी जिसके कारण शीतला माता मंदिर में यह भीषण हादसा हुआ। इस घटना ने उनकी सनातन आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मंदिर में लोगों की अटूट आस्था है, जहां पारंपरिक रूप से नारियल तक नहीं फोड़े जाते और नींबू तक नहीं काटे जाते। ऐसी पवित्र जगह पर ऐसी त्रासदी का होना दिल तोड़ने वाला है। इस निवासी ने सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव से तत्काल ग्वालियर आने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो सनातन धर्म, उज्जैन और मंदिरों की बात करते हैं, उन्हें इस त्रासदी के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और सभी घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अस्पताल जाकर आमरण अनशन शुरू कर देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय मिलना ही चाहिए और उनके लोगों के साथ हुए इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक दुकानदार, बबलू प्रजापति, ने बताया कि इस हादसे में उनकी दुकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा कि उनकी दुकान उनके पिता संभालते थे और उस समय उनके दो रिश्तेदार भी वहां आए हुए थे। कुल मिलाकर, चार लोग दुकान पर मौजूद थे, जो इस दुर्घटना में घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रजापति ने बताया कि ट्रक बहुत तेज गति से नीचे आ रहा था, जिसके कारण उनकी और दो अन्य दुकानों का पूरी तरह से सफाया हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक और भावनात्मक आघात था। यह ध्यान देने योग्य है कि ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर पर नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस अवधि के दौरान, मंदिर से गुजरने वाले रास्ते को बड़े वाहनों के प्रवेश के लिए सामान्यतः बंद कर दिया जाता है। हालांकि, इस बार एक ट्रक को वहां प्रवेश की अनुमति कैसे मिली, यह एक बड़ा सवाल है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ट्रक को वहां से निकलने की अनुमति किसने दी और इस पूरे मामले में किसकी लापरवाही जिम्मेदार है। यह जांच दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है और जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाचार
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रक का कहर: शीतला माता मंदिर के पास 12 की मौत, कई घायल, जांच जारी
18 अक्टूबर 2026 को 11:52 pm बजे

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रक का कहर: शीतला माता मंदिर के पास 12 की मौत, कई घायल, जांच जारी
साझा करेंWhatsApp
