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दीपावली के अवसर पर जहाँ केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को समय पर महंगाई भत्ता देने के साथ बोनस बांटने की तैयारी में है, वहीं मध्य प्रदेश के 12 लाख कर्मचारी व पेंशनर 10 महीने से महंगाई भत्ते (डीए) व राहत (डीआर) के इंतजार में हैं। जनवरी 2026 से अक्टूबर 2026 तक के 10 महीनों में डीए न मिलने से कर्मचारियों को संवर्गवार 3100 रुपए से लेकर 28,200 रुपए तक का आर्थिक नुकसान हो चुका है। राज्य के कर्मचारी केंद्र से सीधे 2% महंगाई भत्ते में पीछे चल रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1,834 करोड़ की राशि दी जा रही है। वहीं 7.50 लाख कर्मचारियों और 4.50 लाख पेंशनरों को 2% भत्ता व 10 महीने का एरियर देने पर सरकार का कुल खर्च मात्र 700 करोड़ रुपए ही आएगा। फिर भी सरकार आदेश जारी नहीं कर रही है। संगठनों का आरोप है कि बीते 10 महीनों में सरकार 700 करोड़ बचा चुकी है। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार दिवाली से पहले डीए दे सकती है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार तुरंत आदेश जारी करे, क्योंकि हम केंद्र सरकार से 2% डीए पीछे हैं। रक्षाबंधन, नवरात्रि से लेकर अब तक ज्ञापन दिए जा चुके हैं। प्रदेश के 5 लाख नियमित और 5 लाख गैर-नियमित कर्मियों को इसका इंतजार है।
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