मध्य प्रदेश में महिला कलेक्टरों की संख्या में भारी गिरावट, अब केवल 11 जिलों में हैं महिला कलेक्टर
मध्य प्रदेश में हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद, जिलों में महिला कलेक्टरों की संख्या घटकर 11 रह गई है, जबकि कुछ महीने पहले तक यह एक तिहाई जिलों में थीं। सरकार ने हालिया प्रशासनिक फेरबदल के दौरान छह जिलों से महिला कलेक्टरों को हटाया है। इन बदलावों में, अदिति गर्ग को मंदसौर, मिशा सिंह को रतलाम, प्रीति यादव को आगर, उषा परमार को पन्ना और रिजू बफना को शाजापुर से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बड़वानी की कलेक्टर भव्या मित्तल अध्ययन अवकाश पर चली गई हैं। इससे पहले, सरकार ने कुछ महिला कलेक्टरों को स्थानांतरित किया था, लेकिन उनके स्थान पर अन्य महिला अधिकारियों को तैनात किया गया था, जिससे जिलों में महिला कलेक्टरों की संख्या एक तिहाई बनी हुई थी। वर्तमान में, 11 जिलों में महिला कलेक्टर कार्यरत हैं। इनमें ग्वालियर से रुचिका चौहान, सागर से प्रतिभा पाल, बड़वानी से जयाती सिंह, अलीराजपुर से नीतू माथुर, श्योपुर से शीला दाहिमा, निवाड़ी से जमुना भिडे, नरसिंहपुर से रजनी सिंह, मैहर से विदिशा मुखर्जी, उमरिया से राखी सहाय, सिवनी से नेहा मीना और डिंडोरी से अंजू पवन भदौरिया शामिल हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि जिलों में महिला नेतृत्व बना रहे, हालांकि हालिया फेरबदल ने संख्या को कम कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार अगले प्रशासनिक फेरबदल में दो जिलों में दो महिला अधिकारियों को कलेक्टर के पद पर तैनात करने की योजना बना रही है। संभावना है कि इस बैच की दो अधिकारी, अंजू अरुण और अंकिता धाकरे, को कलेक्टर के रूप में दो जिलों में भेजा जाएगा। इस बैच के अन्य सभी अधिकारियों को पहले ही जिलों में तैनात किया जा चुका है। यह कदम महिला अधिकारियों को नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिलों में महिला अधिकारियों को कलेक्टर के तौर पर तैनात करने की प्रक्रिया शुरू की है।

