किराए के मकान से दो युवतियों समेत 8 लोगों को बनाया बंधक, 2 लाख के विवाद में रची साजिश
मध्य प्रदेश के भोपाल जिले से एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है, जहाँ गांधीनगर के एयरोसिटी कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे कैफे कर्मचारियों को अगवा कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की है। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर के एक कैफे संचालक ने अपने कर्मचारियों के साथ करीब दो लाख रुपये के विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। शुक्रवार देर रात, आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से कर्मचारियों के किराये के मकान में धावा बोला। उन्होंने मारपीट कर दो युवतियों सहित कुल आठ लोगों को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें दो गाड़ियों में जबरन बैठाकर पिपलानी क्षेत्र की ओर ले जाया गया। अपहरण की सूचना पुलिस तक तब पहुंची जब दिल्ली निवासी एक युवक के दोस्त से फिरौती के लिए संपर्क किया गया। फिरौती मांगने पर युवक ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार के नंबर और आरोपितों के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पिपलानी चौराहे के पास दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपितों को पकड़ने में सफलता हासिल की और सभी आठ बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया। पुलिस के अनुसार, ग्वालियर में आरोपित कैफे संचालक का भोपाल में आईएसबीटी के पास कैफे था, जहाँ अगवा किए गए सभी लोग काम करते थे। आरोप है कि कर्मचारियों से करीब दो लाख रुपये की धोखाधड़ी को लेकर कैफे संचालक और कर्मचारियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते संचालक ने यह कदम उठाया। रुपये मांगने पर कर्मचारियों द्वारा भुगतान न करने से नाराज कैफे संचालक ने अपने भोपाल निवासी साथियों राधे, अमन, बालेंद्र और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस योजना को अंजाम दिया। वे सीधे कर्मचारियों के किराये के कमरे पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने मारपीट कर सभी को जबरन गाड़ियों में बिठाया और बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए लोगों में से एक युवक के दिल्ली निवासी दोस्त को फोन करके 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। इस युवक ने रात करीब एक बजे डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए बंधकों को छुड़ा लिया। पुलिस ने इस मामले में मारपीट, बंधक बनाने और अपहरण सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों से पूछताछ जारी है, जबकि मुख्य आरोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा कर रही है। यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि कैसे मामूली आर्थिक विवाद भी गंभीर अपराधों का रूप ले सकते हैं। पुलिस मामले की तह तक जाने और अन्य किसी भी संभावित संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। सभी आठों बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है, जो पुलिस की तत्परता का प्रमाण है।

